इतना ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान की यग वनडे में पाकिस्तान पर पहली जीत भी थी। यह हार पाकिस्तान को भारत से मिली हार से ज्यादा चुभ रही होगी। इसकी वजह है कि पाकिस्तान इस मैच की फेवरेट थी। लेकिन अफगानियों ने उनके साथ खेल कर दिया। हालांकि अब सवाल उठता है कि यह चमत्कार कैसे हुआ? दरअसल, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की कमजोरी पर नहीं बल्कि उनकी ताकत पर ही वार किया, जिससे वह बैकफुट पर आ गए। हम बात कर रहे हैं पाकिस्तान की बॉलिंग की।
अफगानी बल्लेबाजों ने मार-मारकर पाकिस्तान के गेंदबाजों का बुखार उतार दिया। रहमानुल्लाह गुरबाज ने 65, इब्राहिम जादरान ने 87, रहमत शाह ने *77 तो कप्तान हशमातुल्लाह शाहिदी ने *48 रन बनाए। अफगानिस्तान के टॉप ऑर्डर ने पाकिस्तान को धुआं-धुआं कर दिया। हारिस रऊफ से लेकर शाहीन अफरीदी तक हर किसी को रन पड़े। तो अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की ताकत पर वार कर यह मैच अपने नाम किया।
इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने पॉइंट्स टेबल में भी छलांग लगाई है। वह आखिरी पायदान से उठकर सीधा 4 अंक के साथ छठी पॉजिशन पर आ गए हैं। अब उनका अगला मुकाबला श्रीलंका से 30 अक्टूबर को पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान हार की हैट्रिक लगा चुका है। वह अहमदाबाद में भारत, बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलिया और अब चेन्नई में अफगानिस्तान से हारे हैं। पाकिस्तान का अगला मैच इन फॉर्म साउथ अफ्रीका से 27 अक्टूबर को है, जोकि अगर वो हारे तो उनका सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने पॉइंट्स टेबल में भी छलांग लगाई है। वह आखिरी पायदान से उठकर सीधा 4 अंक के साथ छठी पॉजिशन पर आ गए हैं। अब उनका अगला मुकाबला श्रीलंका से 30 अक्टूबर को पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान हार की हैट्रिक लगा चुका है। वह अहमदाबाद में भारत, बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलिया और अब चेन्नई में अफगानिस्तान से हारे हैं। पाकिस्तान का अगला मैच इन फॉर्म साउथ अफ्रीका से 27 अक्टूबर को है, जोकि अगर वो हारे तो उनका सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।











