आंखों में आंसू, रुंधा हुआ गला... बचपन का घर टूटता देख भावुक हो गए सीएम मोहन यादव, बोले- पिताजी की मेहनत से बना था मकान

आंखों में आंसू, रुंधा हुआ गला... बचपन का घर टूटता देख भावुक हो गए सीएम मोहन यादव, बोले- पिताजी की मेहनत से बना था मकान
उज्जैन: जिले में सिंहस्थ को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। हाल ही में सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इस चौड़ीकरण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुश्तैनी घर भी आ गया। प्रशासन ने सीएम और उनकी बहन के घर समेत मोहल्ले के 272 घरों को नोटिस दिया था। इसी को लेकर सीएम डॉ. यादव 27 सितंबर को अपने पुश्तैनी घर पहुंचे। उन्होंने यहां अपने पैतृक घर के बाहर पूजा-अर्चना की और फिर गैंती लेकर विकास की नई नींव रखी। उन्होंने मीडिया से कहा कि जिस घर में छोड़े से बड़े हुए हों, खेले-कूदे हों, उसको तोड़ना पड़े तो मन पर प्रभाव होना स्वाभाविक है। अगर सिंहस्थ के लिए जरूरी है तो हमें यह बलिदान देना ही चाहिए। हम सब मिलकर वो कर रहे हैं। पूरा देश इस बात को देख रहे हैं कि लोग अपने मकान को आनंद से तोड़ रहे हैं। ताकि, दूसरों को मदद मिले।

जिस घर में जन्मे, बड़े हुए...

अब्दालपुरा स्थित अपने पैतृक निवास पहुंचे सीएम मोहन यादव ने जब विधिवत पूजा-अर्चना के बाद खुद अपने हाथों से गैंती थामी और घर के हिस्से को तोड़ना शुरू किया, तो उनके भीतर का वह बेटा और इंसान भी जाग उठा, जिसकी अनगिनत यादें उस घर की दीवारों से जुड़ी थीं। मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री बेहद भावुक नजर आए।
जिस घर में हम छोटे से बड़े हुए, खेले-कूदे... उस घर को यदि तोड़ना पड़े तो मन पर उसका प्रभाव होना स्वाभाविक है। लेकिन अगर सिंहस्थ महाकुंभ और जनता की सुविधा के लिए यह जरूरी है, तो हमें यह बलिदान देना ही चाहिए। व्यक्तिगत मोह से ऊपर उठकर सार्वजनिक हित सर्वोपरि है।
डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

प्रधानमंत्री मोदी के आदर्शों पर चलने का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए हमेशा ऐसे उदाहरण पेश करने चाहिए जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वे हमेशा व्यक्तिगत हितों से परे रहकर सुशासन और नियमों को प्राथमिकता देते हैं। उनके इसी आचरण से हमें प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने गर्व के साथ उज्जैन की जनता की भी सराहना की, जिन्होंने बिना किसी भेदभाव के अपने घर और देवस्थानों तक को स्वेच्छा से पीछे हटाया है। चाहे हिंदू हो, मुस्लिम या अन्य कोई वर्ग, सभी ने सिंहस्थ के लिए अभूतपूर्व सहयोग दिया है, जिससे सरकार और जनता के बीच का अटूट विश्वास झलकता है।

730 मीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण से संवरेगा उज्जैन

उल्लेखनीय है कि खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा और गणेश चौक तक लगभग 730 मीटर लंबे इस मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इस पर करीब 9.80 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। सिंहस्थ 2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए यह मार्ग बेहद अहम है। अपने परिवार की पुश्तैनी यादों से जुड़े घर के एक हिस्से को खोने का दर्द दिल में होने के बावजूद, सीएम मोहन यादव ने सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने घर पर गेती चलाई। सीएम के इस व्यवहार की सभी लोग तारीफ कर रहे हैं।
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