बप्पा की विदाई में पंडित प्रदीप मिश्रा ने ली रिस्क:एक दिन में टूट गई मंत्री विजयवर्गीय की कसम; 'कलाकार' निकले कांग्रेस विधायक

बप्पा की विदाई में पंडित प्रदीप मिश्रा ने ली रिस्क:एक दिन में टूट गई मंत्री विजयवर्गीय की कसम; 'कलाकार' निकले कांग्रेस विधायक

मीडिया से बात नहीं करने की मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कसम एक ही दिन में टूट गई। वे मीडिया के सामने भी आए और बात भी की।

दरअसल, गुरुवार को एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने उनसे बात करनी चाही तो उन्होंने साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा था कि वे इंदौर के मीडिया से बात नहीं करेंगे।

इसके अगले दिन शुक्रवार को वे अनंत चतुर्दशी के मौके पर निकलने वाली झांकियों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इंदौर में निकल रही झांकियों को लेकर उन्होंने कहा कि वे इंदौर की जनता को बधाई देते हैं। इंदौर की जनता के सहयोग से ही झांकियां निकल रही हैं।

अब इसे यूं भी कह सकते हैं कि विजयवर्गीय की मीडिया से दूरी वाली कसम ज्यादा लंबी नहीं चली। आखिर वे पब्लिक फिगर हैं, तो जनता और मीडिया फ्रेंडली तो रहना ही पड़ेगा।

फिर पत्रकार ही वह जरिया है, जिसके माध्यम से जनता अपनी बात सरकार और नेताओं तक पहुंचाती है और नेता भी अपनी बात जनता के बीच रखते हैं।

बिना लाइफ जैकेट पहने किया प्रतिमा विसर्जन

कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे बिना लाइफ जैकेट पहने नाव में सवार होकर गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए एक तालाब में उतरते नजर आ रहे हैं।

वीडियो में पंडित प्रदीप मिश्रा नाव में बैठे दिखाई दे रहे हैं। उनकी गोद में भगवान गणेश की प्रतिमा है। बगल में उनका एक सहयोगी भी बैठा है। पंडित मिश्रा गणेश प्रतिमा का विसर्जन करते नजर आ रहे हैं।

वीडियो सामने आने के बाद लोग कह रहे हैं कि पंडित जी ने गणेश जी की विदाई में थोड़ी रिस्क ले ली। उन्होंने नाव में सवार होने के बावजूद लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। उनके सहयोगी भी इसी हालत में नजर आए।

कहने वाले यह भी कह रहे हैं कि पंडित प्रदीप मिश्रा के लाखों-करोड़ों अनुयायी हैं। ऐसे में अगर वे लाइफ जैकेट पहनकर प्रतिमा विसर्जन करते तो इससे सुरक्षा को लेकर अच्छा संदेश जाता।

जब 'राजा' बन गए कांग्रेस विधायक रजनीश सिंह

वैसे तो सभी नेता कलाकार होते हैं, लेकिन कांग्रेस विधायक रजनीश सिंह तो छिपे रुस्तम निकले। यानी राजनीति के साथ-साथ रंगमंच के भी मंझे हुए कलाकार।

सिवनी जिले के उनके विधानसभा क्षेत्र केवलारी में गणेश उत्सव के दौरान पारंपरिक नाटक 'भक्त पूरणमल' का मंचन किया गया था। इसमें उन्होंने राजा शंखपति का किरदार निभाया।

मंच पर विधायक का अंदाज देखकर लोगों की नजरें उनके अभिनय पर टिक गईं। उनकी एक्टिंग की क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है। अब लोग कह रहे हैं कि नेता जी का ये टैलेंट सिर्फ मंच तक ही सीमित नहीं है। जनता से जुड़ने में भी उनका ये अंदाज काम आ रहा है।

साहब को तोड़फोड़ का शौक या वास्तु का चक्कर?

लगता है एक विभाग में पदस्थ सीनियर आईएएस अधिकारी को तोड़फोड़ का कुछ ज्यादा ही शौक है। पहले उन्होंने रिनोवेशन के नाम पर अपने सरकारी बंगले में तोड़फोड़ कराई और उसे अपने हिसाब से बनवाया।

अब यही कहानी उन्होंने अपने दफ्तर में भी दोहरा दी है। कमिश्नर पद पर पदस्थ साहब ने अपना चेंबर ही तुड़वा दिया है। अब वहां एक मीटिंग हॉल बनाया जा रहा है। जाहिर है, साहब के बैठने के लिए अब दूसरी जगह नया चेंबर तैयार किया जा रहा है।

वैसे इसके पीछे एक कहानी और सामने आ रही है। सुना है कि साहब की इसी विभाग के पूर्व कमिश्नर से पटरी नहीं बैठती। दोनों के बीच अदावत पुरानी है। लिहाजा साहब उनकी जगह पर बैठना नहीं चाहते। ऐसे में चेंबर की तोड़फोड़ को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, प्रशासनिक गलियारों में एक चर्चा यह भी है कि साहब वास्तु को काफी मानते हैं। ऐसे में दफ्तर में हो रही यह तोड़फोड़ वास्तु के हिसाब से बदलाव की कवायद भी हो सकती है।

इनपुट सहयोग - कपिल राठौर (इंदौर), विनोद सोनी (सिवनी)।

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत करने आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मुझे मालूम नहीं, लेकिन बहुत से आरटीओ अधिकारी गांधीवादी हैं। गांधी की नोट दिखती है तो फटाफट ठप्पे मार देते हैं। गडकरी ने ऐसे अधिकारियों को कहा कि अगर किसी गलत बस को सेंशन किया तो आपकी नौकरी जाएगी। 

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