पलानीस्वामी AIADMK का प्लान
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सीट शेयरिंग में एडापड्डी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने अपनी शर्तें मनवाई। तमिलनाडु में AIADMK को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर ईपीएस ने सीटों के बंटवारे पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। इसी के चलते यहां तक कि एक ऐसी सीट जिसे बीजेपी की तमिलनाडु इकाई के पूर्व प्रमुख के. अन्नामलाई के लिए एक संभावित सीट माना जा रहा था। बीजेपी को वह सीट भी नहीं मिली। सूत्रों की मानें तो उन्हें बीजेपी की कई मांगें भी ठुकरा दीं। बीजेपी ने तमिलनाडु के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को प्रभारी नियुक्त किया है। राज्य में बीजेपी की कमान नैनार नागेंद्रन के हाथाें में है। एनडीए के अन्य प्रमुख नेताओं में ए. रामदास और दिनाकरण हैं।24-25 मार्च को फाइनल हुए तमिलनाडु एनडीए सीट शेयरिंग के तहत एआईएडीएमके को राज्य की 234 विधानसभा सीटों में से 169 सीटें मिली हैं, जबकि शेष 65 सीटें उसके सात एनडीए सहयोगियों को आवंटित की गई हैं। बीजेपी को 27 सीटें, पट्टाली मक्कल काची (PMK) को 18 सीटें और अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम (AMMK) को 11 सीटें दी गई हैं। बाकी सीटें छोटी पार्टियों जैसे तमिल मनीला कांग्रेस (मूपनार), इंडिया जननायक काची (IJK), तमिलगा मक्कल मुनेत्र कझगम (TMMK) और पुराची भारतम के बीच बांटी गई हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने एआईएमडीएके के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से लिखा है कि यह बंटवारा एक ऐसी बातचीत को दिखाता है जिसमें पार्टी ने अपनी निर्णायक पकड़ बनाए रखी। भले ही यह गठबंधन बीजेपी नेतृत्व के दबाव में बना हुआ माना जाता हो।
अब क्या करेंगे अन्नामलाई?
सीट शेयरिंग में कोयंबटूर जिले की सिंगानल्लूर जैसी सीटों के लिए BJP के अनुरोध पर भी नहीं मिली हैं। यहां से अन्नामलाई ने 2024 के लोकसभा चुनावों में डीएमके उम्मीदवार से हारने के बावजूद अपनी ताकत दिखाई थी। कोयंबटूर की अन्य सीटों जैसे सुलूर और कवंडमपालयम के लिए किए गए अनुरोधों को एआईएडीएमके ने स्वीकार नहीं किया। चेन्नई में बीजेपी को कम से कम तीन सीटें चाहिए थीं, लेकिन उसे सिर्फ एक सीट, मायलापुर ही मिली। कोयंबटूर में उसे कोयंबटूर उत्तर सीट दी गई, जो इस क्षेत्र में कम से कम दो सीटों की उसकी उम्मीदों से कम थी। डेली थांथी ने एक रिपोर्ट में कहा कि तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैनार नागेंद्रन तिरुनेलवेली से चुनाव लड़ना चाहते हैं, जबकि के अन्नामलाई और वनथी श्रीनिवासन को सिंगनल्लूर और कोयंबटूर उत्तर से खड़ा किया जाना था। विशेष रूप से, अन्नामलाई ने 2021 के विधानसभा चुनाव में करूर जिले के अरवाकुरिची से और 2024 के लोकसभा चुनाव में कोयंबटूर से चुनाव लड़ा था। 2021 में डीएमके के आर. एलंगो ने उन्हें 24,816 वोटों के अंतर से हराया।











