तमिलनाडु सरकार का दावा, सफल रही CM विजय की पहली विदेश यात्रा, 15300 करोड़ का निवेश और 10000 से ज्यादा नौकरियां

तमिलनाडु सरकार का दावा, सफल रही CM विजय की पहली विदेश यात्रा, 15300 करोड़ का निवेश और 10000 से ज्यादा नौकरियां
चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने मुख्यमंत्री थलपति विजय की पहली आधिकारिक विदेश यात्रा को निवेश और औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया है। सरकार के मुताबिक, 6 दिवसीय यूके दौरे के दौरान तमिलनाडु के लिए कुल 15300 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। दौरे के दौरान सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड की ओर से आया। कंपनी और उसकी यूरोपीय व ब्रिटेन स्थित संयुक्त उपक्रम कंपनियों ने तमिलनाडु में करीब 11000 करोड़ के निवेश के लिए MoU किया है। प्रस्ताव के तहत डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे करीब 7000 रोजगार मिलने की उम्मीद है।


विल्सन पावर सॉल्यूशंस से 300 करोड़ का निवेश

इसके अलावा विल्सन पावर सॉल्यूशंस ने तिरुवल्लूर में 300 करोड़ के निवेश के लिए समझौता किया है। इससे करीब 400 रोजगार पैदा होने का अनुमान है। स्वीडन की सिग्मा टेक्नोलॉजी ग्रुप चेन्नई और त्रिची में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) का विस्तार करेगी, जिससे करीब 600 हाई-वैल्यू नौकरियां आने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, एक प्रमुख यूरोपीय ऑटो-कंपोनेंट निर्माता ने भी तमिलनाडु में अपना पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए ₹3,000 करोड़ के निवेश का लेटर ऑफ इंटेंट दिया है। इसके अलावा EY के साथ GCC स्थापित करने के लिए MoU किया गया है। प्रस्तावित GCC में करीब ₹1,000 करोड़ का निवेश और 2,000 से अधिक नौकरियों का अनुमान बताया गया है।

हिंदुजा ग्रुप ने भी जताई निवेश बढ़ाने की इच्छा

लंदन दौरे के दौरान हिंदुजा ग्रुप और फिनोलेक्स से जुड़े प्रतिनिधियों ने तमिलनाडु में निवेश और कारोबार के विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई। हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने अगस्त में हुए ₹2,500 करोड़ के समझौते की प्रगति पर चर्चा की। समूह ने खास तौर पर विंड पावर और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश बढ़ाने तथा तमिलनाडु में बनने वाले कमर्शियल वाहनों के निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की।


CETA के जरिए निवेश बढ़ाने पर जोर

विजय ने यूके-भारत Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) से मिलने वाले अवसरों पर भी जोर दिया। उन्होंने कंपनियों से तमिलनाडु के साथ निवेश, व्यापार, कच्चे माल की खरीद और कारोबारी सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते का इस्तेमाल करने की अपील की। राज्य सरकार ने CETA के तहत तमिलनाडु के लिए उपलब्ध अवसरों की पहचान करने के लिए रिपोर्ट तैयार करने की बात कही है।
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