गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयुष मलिक धर्मांतरण प्रकरण एक फिर चर्चा में आ गया है। कोर्ट ने आयुष के दोस्त सुल्तान की तरफ से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए आयुष को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। जज के सामने आयुष ने कहा कि वह चांदनी से शादी करना चाहता है। उसने बगैर किसी दबाव के मुस्लिम धर्म अपनाया था। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि परिवार की असहमति और चिंता के आधार पर किसी बालिग की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता। कोर्ट ने आयुष मलिक को अपनी इच्छा के अनुसार रहने औश्र जीवन जीने के लिए स्वतंत्र कर दिया है।
आयुष के पिता और दवा व्यवसायी देवराज सिंह मलिक ने दलील दी कि उनके बेटे का ब्रेनवॉश किया गया। उसने अपनी मर्जी से धर्म नहीं बदला है। बीते जून में आयुष ने एक वीडियो जारी कर बताया था कि उसने धर्म बदल लिया है। इसे बाद पिता ने जबरन धर्म परिवर्तन करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आयुष की प्रेमिका चांदनी कुरैशी, उसके पिता समेत तीन लोगों को जेल भेज दिया था।
