राजनयिक छूट का उठाया था लाभ
करीमोव ने मध्य एशियाई देश में 25 वर्ष से अधिक और सितंबर 2016 में अपनी मृत्यु होने तक शासन किया। उनकी बेटी ने कभी जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में सेवा दी थी और राजनयिक छूट का लाभ उठाया था। उज्बेकिस्तान में आठ साल पहले पहली दोषसिद्धि के बाद गुलनार ने सिलसिलेवार मुकदमों का सामना किया था। नजरबंद रहने की सजा की शर्तों का उल्लंघन करने को लेकर 2019 में एक अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया। अब, वह एक आपराधिक समूह संगठित करने और उगाही के आरोपों में 13 साल जेल की सजा काट रही हैं।
आपराधिक जांच पूरी होने के बाद बनाया आरोपी
करीब एक दशक से भी पहले शुरू की गई आपराधिक जांच पूरी करते हुए अभियोजकों ने बृहस्पतिवार को उन्हें अभ्यारोपित करने की घोषणा की। अभियोजकों ने कहा कि करीमोव ने कथित तौर पर एक आपराधिक गिरोह बनाया और उसे संचालित किया, जिसे 'द ऑफिस' के नाम से जाना जाता था और इसमें दर्जनों लोग तथा कई कंपनियां संलिप्त थीं। स्विस अभियोजकों ने कहा कि इस गिरोह ने 2005 में स्विटजरलैंड में अपना नेटवर्क शुरू किया था, ताकि वह अपने आपराधिक कृत्यों से अर्जित धन स्विस बैंक खातों में छिपा सके।











