अशोक धनखड़ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का आदेश पलटा
वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ मृदुल ने मृतक के पिता अशोक धनखड़ का प्रतिनिधित्व किया, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी सुशील कुमार की ओर से शीर्ष अदालत में पेश हुए। सुशील कुमार पर कई अन्य लोगों के साथ मिलकर 4 मई, 2021 को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम की पार्किंग में कथित तौर पर एक संपत्ति विवाद को लेकर धनखड़ और उनके दो दोस्तों सोनू और अमित कुमार पर हमला करने का आरोप है।
नेशनल पहलवान की हत्या के बाद 18 दिनों तक पुलिस से भागता रहा सुशील कुमार
हरियाणा के रोहतक के 23 वर्षीय पहलवान धनखड़ की हमले में लगी चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी घायल हो गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार धनखड़ की मौत चोट के कारण हुई। इस घटना के बाद ओलंपियन की तलाश में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया और 18 दिनों तक पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा में भागने के बाद गिरफ्तार किया गया। दिल्ली पुलिस ने मुंडका इलाके में गिरफ्तार किया जब वह एक नेशनल स्तर के एथलीट से उधार ली गई स्कूटी पर सवार होकर नकदी लेने आया था। 23 मई, 2021 को गिरफ्तारी के बाद सुशील को रेलवे की नौकरी से निलंबित कर दिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जहां वह अपनी जमानत के आदेश तक रहा।
हरियाणा के रोहतक के 23 वर्षीय पहलवान धनखड़ की हमले में लगी चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी घायल हो गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार धनखड़ की मौत चोट के कारण हुई। इस घटना के बाद ओलंपियन की तलाश में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया और 18 दिनों तक पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा में भागने के बाद गिरफ्तार किया गया। दिल्ली पुलिस ने मुंडका इलाके में गिरफ्तार किया जब वह एक नेशनल स्तर के एथलीट से उधार ली गई स्कूटी पर सवार होकर नकदी लेने आया था। 23 मई, 2021 को गिरफ्तारी के बाद सुशील को रेलवे की नौकरी से निलंबित कर दिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जहां वह अपनी जमानत के आदेश तक रहा।
सुशील कुमार पर अपहरण, डकैती, हत्या और दंगा सहित कई आरोप
दिल्ली की एक निचली अदालत ने अक्टूबर 2022 में सुशील कुमार और 17 सह-आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई धाराओं के तहत आरोप तय किए, जिनमें हत्या, दंगा, आपराधिक साजिश, अपहरण, डकैती और शस्त्र अधिनियम के तहत अपराध शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के आरोपपत्र में सुशील कुमार को इस ग्रुप का सरगना बताया गया है और आरोप लगाया गया है कि अपने घटते प्रभाव की अफवाहों से अपने अहंकार को ठेस पहुंचाने के बाद कुश्ती समुदाय में अपना प्रभाव फिर से स्थापित करने के लिए उसने यह हमला करवाया। सुशील कुमार ने इन आरोपों से इनकार किया है।
दिल्ली की एक निचली अदालत ने अक्टूबर 2022 में सुशील कुमार और 17 सह-आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई धाराओं के तहत आरोप तय किए, जिनमें हत्या, दंगा, आपराधिक साजिश, अपहरण, डकैती और शस्त्र अधिनियम के तहत अपराध शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के आरोपपत्र में सुशील कुमार को इस ग्रुप का सरगना बताया गया है और आरोप लगाया गया है कि अपने घटते प्रभाव की अफवाहों से अपने अहंकार को ठेस पहुंचाने के बाद कुश्ती समुदाय में अपना प्रभाव फिर से स्थापित करने के लिए उसने यह हमला करवाया। सुशील कुमार ने इन आरोपों से इनकार किया है।











