सुप्रीम कोर्ट आज को आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की याचिकाओं पर फैसला सुनाएगा। चंद्रबाबू ने 330 करोड़ रुपए के स्किल डेवलपमेंट सेंटर घोटाले में FIR को रद्द करने याचिका लगाई थी। फैसला दोपहर 1 बजे जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच सुनाएगी। इस केस में नायडू 53 दिन जेल में रहे थे।
दरअसल, आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट ने 22 सितंबर 2023 को चंद्रबाबू की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। 17 अक्टूबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। साथ ही उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
स्किल डेवलपमेंट घोटाले में CID ने चंद्रबाबू को 9 सितंबर 2023 को नांदयाल से गिरफ्तार किया था। 73 साल के नायडू पर आरोप है कि उन्होंने 2015 में मुख्यमंत्री रहते हुए स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के फंड का गलत इस्तेमाल किया था, जिससे सरकारी खजाने को 371 करोड़ का नुकसान हुआ था।
CBI ने 2021 में FIR दर्ज की थी
CBI ने 9 दिसंबर, 2021 को स्किल डेवलपमेंट घोटाले मामले में FIR दर्ज की थी। इसमें 25 लोगों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, इस FIR में नायडू का नाम नहीं था। मार्च 2023 में CID ने स्किल डेवलपमेंट घोटाले की जांच शुरू की थी। CID का दावा है कि जांच में जो बातें सामने आई हैं, उनके आधार पर चंद्रबाबू को गिरफ्तार किया गया। घोटाले से जुड़े केस में आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री 2021 की FIR में 37वें आरोपी बनाए गए हैं।
53 दिन बाद मेडिकल ग्राउंड पर मिल गई थी जमानत
चंद्रबाबू को पहले राजा महेंद्रवर्धन केंद्रीय जेल में रखा गया था। बाद में उन्हें राजमुंदरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। जेल में बंद रहे नायडू को 53 दिन बाद हाईकोर्ट से मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए 4 हफ्ते की जमानत मिल गई थी। हाल ही में, आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट ने चंद्रबाबू को इनर रिंग रोड (आईआरआर), उत्पाद शुल्क नीति केस और रेत खनन केस अग्रिम जमानत दे दी है।
चंद्रबाबू ने जताई थी गिरफ्तारी की आशंका
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, चंद्रबाबू नायडू ने 6 सितंबर को अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताई थी। अनंतपुर जिले के रायदुर्गम में लोगों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था- वो मुझे आज या कल अरेस्ट कर सकते हैं। मुझ पर हमला भी हो सकता है। वो मुझ पर एक नहीं, कई जुल्म करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। 45 साल के करियर में उनके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं हुआ। पूर्व CM वाई एस राजशेखर रेड्डी ने उनके खिलाफ कई मामले दर्ज कराए, लेकिन उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ।











