जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने राजस्थान सरकार को 'अवैध खनन को बढ़ावा देने' के लिए कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी को इस मुद्दे की विस्तृत समीक्षा करने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट की राजस्थान सरकार को झाड़, चंबल के खनन माफिया को बताया 'आधुनिक डाकू', 732 हेक्टेयर जमीन पर रोक
जयपुर: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राजस्थान सरकार के उस फैसले पर कड़ा प्रहार किया, जिसके तहत राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्यजीव अभयारण्य के 732 हेक्टेयर क्षेत्र को डिनोटिफाई करने की तैयारी थी। अदालत ने इस कदम पर तुरंत रोक लगाते हुए स्पष्ट किया कि संरक्षित प्रजातियों के लिए आरक्षित किसी भी जमीन को इस तरह व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं छोड़ा जा सकता।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने राजस्थान सरकार को 'अवैध खनन को बढ़ावा देने' के लिए कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी को इस मुद्दे की विस्तृत समीक्षा करने का आदेश दिया है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने राजस्थान सरकार को 'अवैध खनन को बढ़ावा देने' के लिए कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी को इस मुद्दे की विस्तृत समीक्षा करने का आदेश दिया है।











