दिन में खिल रही धूप, रात में हल्की ठंड, पांच दिन बाद बदल सकता है मौसम का मिजाज

दिन में खिल रही धूप, रात में हल्की ठंड, पांच दिन बाद बदल सकता है मौसम का मिजाज
भोपाल। एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। इसके प्रभाव से पाकिस्तान के मध्य से लेकर राजस्थान तक एक प्रेरित चक्रवात बन गया है। इसके अतिरिक्त उत्तर भारत से लेकर मध्य प्रदेश तक लगभग 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी जेट स्ट्रीम अभी भी बना हुआ है।
अलग-अलग स्थानों पर बनी तीन मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं का रुख बदल गया है। हवाओं के साथ नमी आने की वजह से पूरे प्रदेश में मध्यम एवं ऊंचाई के स्तर पर बादल छाने लगे हैं। इसके चलते फिलहाल लोगों को कड़ाके की ठंड से भी राहत मिल गई है।

ऐसी रही पारे की चाल

इसी क्रम में बुधवार की तरह गुरुवार को भी प्रदेश के सभी शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले दिन के मुकाबले 1.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। राजधानी भोपाल में भी रात का पारा 1.4 सेल्सियस लुढ़ककर 12.6 डिग्री पर पहुंच गया। बुधवार को भोपाल में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं दिन का तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले दिन के मुकाबले 1.4 डिग्री अधिक है। बुधवार को प्रदेश में दिन का सबसे अधिक 30.4 डिग्री सेल्सियस तापमान खरगोन में दर्ज किया गया।

आगे ऐसा रहेगा मौसम

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक पश्चिमी विक्षोभ अभी सक्रिय है। तीन फरवरी को एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। इस वजह से अभी पांच-छह दिन तक कड़ाके की ठंड से राहत बनी रहने के आसार हैं। मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है। साथ ही वहां के मैदानी क्षेत्रों में वर्षा होने के भी आसार हैं। इस वजह से उत्तर भारत से लगे ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। उधर, तीन फरवरी को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। इस वजह से पांच-छह फरवरी तक ठंड से राहत बनी रह सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के बाद हवाओं का रुख उत्तरी होने से एक बार फिर रात के तापमान में गिरावट हो सकती है।
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