अडानी के रॉकेट पर बैठकर शेयर मार्केट ने बनाया रेकॉर्ड, पहली बार मार्केट कैप 4 ट्रिलियन डॉलर के पार

अडानी के रॉकेट पर बैठकर शेयर मार्केट ने बनाया रेकॉर्ड, पहली बार मार्केट कैप 4 ट्रिलियन डॉलर के पार
नई दिल्ली: अडानी ग्रुप के शेयरों में मंगलवार को आई तेजी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। बीएसई लिस्टेड शेयरों का मार्केट कैप अपने ऑल-टाइम हाई लेवल 336 लाख करोड़ रुपये यानी 4.02 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई है। इसके साथ ही भारत दुनिया पांचवां सबसे मूल्यवान मार्केट बन गया है। भारत मई 2021 में तीन ट्रिलियन डॉलर के मुकाम पर पहुंचा था। दुनिया की बात करें तो इस लिस्ट में अमेरिका 48 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ पहले नंबर पर है। चीन (10.7 ट्रिलियन डॉलर) दूसरे, जापान (5.5 ट्रिलियन डॉलर) तीसरे और हॉन्ग कॉन्ग (4.7 ट्रिलियन डॉलर) चौथे नंबर पर है।

पिछले 20 साल में बीएसई का मार्केट कैप 33 गुना बढ़ा है। सितंबर 2003 में यह 10 लाख करोड़ रुपये था। स्मॉल एंड मिडकैप शेयरों के जबरदस्त प्रदर्शन तेजी, देश की इकॉनमी के बढ़ने और एलआईसी, पेटीएम और जोमैटो जैसी कई बड़ी कंपनियों के आईपीओ आने से भारत का मार्केट कैप बढ़ा है। इस साल इसमें करीब 46 लाख करोड़ रुपये की तेजी आई है। विदेशी और घरेलू फंड्स की खरीदारी का भी इसमें बड़ा योगदान है। मार्च 2020 के बाद से विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में करीब दो लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है।

भारत की जीडीपी

मैक्रो लेवल पर देखें तो भारत अभी 3.7 ट्रिलियन डॉलर के साथ दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकॉनमी है। अमेरिका पहले, चीन दूसरे, जर्मनी तीसरे और जापान चौथे नंबर पर है। एसबीआई सिक्योरिटीज के सनी अग्रवाल ने कहा कि 2030 तक भारत के सात ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने का अनुमान है। मार्केट कैप भी जीडीपी के हिसाब से बढ़ेगा। जब भी जीडीपी दोगुनी होती है तो मार्केट कैप भी दोगुना हो जाता है। शेयरों की कीमत में तेजी और आईपीओ के रूप में नई लिस्टिंग से मार्केट कैप बढ़ता है। निफ्टी और सेंसेक्स के अगले पांच साल में डबल होने की उम्मीद है।

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