पानी के नीचे सुनाई दीं कुछ आवाजें, टाइटैनिक मलबे को देखने गई लापता नाव की है पुकार? तलाश और तेज

पानी के नीचे सुनाई दीं कुछ आवाजें, टाइटैनिक मलबे को देखने गई लापता नाव की है पुकार? तलाश और तेज
वॉशिंगटन : अटलांटिक महासागर में पांच लोग एक सबमर्सिबल में सवार होकर ऐतिहासिक टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने गए थे। लेकिन अब ये लोग लापता हैं जिनकी तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच खोजी अभियान में शामिल अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने बताया है कि कनाडा के एक विमान ने सबमर्सिबल की तलाश के दौरान पानी के भीतर 'आवाजों' का पता लगाया है। कनाडा के पी-3 विमान के आवाजों का पता लगाने के बाद अब खोजी अभियान की दिशा मोड़ी जा रही है। अब तक बचाव कर्मियों को कोई सुराग नहीं मिला था लेकिन तलाश लगातार जारी है।

बचावकर्मी इतना तेजी से खोजबीन में इसलिए जुटे हैं क्योंकि लापता लोगों के पास समय बहुत कम है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सबसे अच्छी परिस्थितियों में भी सबमर्सिबल पर गुरुवार सुबह तक ऑक्सीजन खत्म हो सकती है। यूएस एयर मोबिलिटी कमांड के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी सेना के तीन सी-17 ट्रांसपोर्ट प्लेन का इस्तेमाल खोज में मदद के लिए कमर्शियल सबमरीन और अन्य उपकरणों को न्यूयॉर्क से सेंट जॉन्स ले जाने के लिए किया गया है।

चीतों को लाने में की थी भारत की मदद
उधर कनाडाई सेना ने कहा कि उसने एक गश्ती विमान और दो जहाज दिए हैं जिनमें से एक गोता लगाने में माहिर है। सेना ने टाइटन की किसी आवाज को सुनने के लिए सोनार प्लव भी दिए हैं। सबमर्सिबल पर चालक के अलावा चार लोग सवार थे। इनमें से एक ब्रिटिश व्यवसायी हामिश हार्डिंग भी हैं जिन्होंने नामीबिया से आठ चीतों को लाने में भारत सरकार का सहयोग किया था। खबरों की मानें तो सबमर्सिबल की कंपनी 'ओशनगेट एक्पीडिशंस' के मुख्य कार्यकारी भी उस पर सवार थे।

अरबपति पाकिस्तानी कारोबारी लापता

अन्य दो लोग पाकिस्तान के अरबपति कारोबारी शहजादा दाऊद और उनका बेटा सुलेमान हैं। शहजादा दाऊद की गिनती पाकिस्तान के सबसे अमीर लोगों में होती है। हालांकि वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ ब्रिटेन में रहते हैं। लापता हुई कार्बन-फाइबर 'सबमर्सिबल पनडुब्बी' का नाम 'टाइटन' है, जो 'ओशनगेट एक्सपेडिशंस' के एक अभियान का हिस्सा है। कंपनी ने टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने के लिए 2,50,000 अमेरिकी डॉलर प्रति व्यक्ति के दाम पर आठ दिनों का अभियान शुरू किया था।
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