हमीदिया अस्‍पताल में ट्यूमर निकालकर बचाई मरीज की जान, इन बीमारियों से था पीड़‍ित

हमीदिया अस्‍पताल में ट्यूमर निकालकर बचाई मरीज की जान, इन बीमारियों से था पीड़‍ित
भोपाल। हमीदिया अस्पताल में दुर्लभ बीमारी से पीड़ित एक मरीज की सर्जरी कर जान बचाई गई। उसे फियोक्रोमोसाइटोमा एड्रीनल ग्रंथि का न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर था। सीहोर निवासी 31 वर्षीय मरीज को पिछले पांच साल से सिर दर्द, घबराहट, बहुत ज्यादा पसीना आना और दिल की धड़कन तेज हो जाने की शिकायत थी, जो कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाती थी।

जब मरीज की सीटी स्कैन जांच की गई तो उसमें ट्यूमर का पता चला। यूरिन और प्लाज्मा का स्तर भी बढ़ा हुआ था। डाॅक्टरों ने आपरेशन कर छोटी आंत के पास से ट्यूमर निकाल दिया है, मरीज अब पूर्ण रूप से स्वस्थ है और बीमारी के पूर्व के कोई भी लक्षण नहीं हैं।

इस बीमारी के 15 प्रतिशत मामलों में होता है कैंसर

ऑपरेशन टीम के प्रमुख सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डाॅ. महिम कोशरिया ने बताया कि फियोक्रोमोसाइटोमा या फेयोक्रोमोसाइटोमा एड्रीनल ग्रंथि का एक न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर है, जो कि एक दुर्लभ बीमारी है। यह अनुमान से प्रति 10 लाख लोगों में से लगभग दो से आठ लोगों में पाया जाता है।

इनमें से लगभग 15 प्रतिशत मामले कैंसर के होते हैं। फियोक्रोमोसाइटोमा की वजह से रोगियों में आम तौर पर सिरदर्द, बहुत ज्यादा पसीना आना, दिल की धड़कन का तेज हो जाना और साथ में एक घंटे के भीतर शांत हो जाने वाला दिल का दौरा पड़ता है।

जटिल ऑपरेशन से होता है इलाज

इसका इलाज सिर्फ जटिल ऑपरेशन की मदद से ही होता है। ऑपरेशन के दौरान रक्तचाप काफी बढ़ व घट सकता है, जिसके कारण मरीज को जान का खतरा हो सकता है। हमीदिया में यह ऑपरेशन करने वाली टीम में डाॅ. विजय टेकाम, डाॅ. ज्योति मारन, डाॅ. निखिल, डाॅ. कशिश, डाॅ. राज एवं सिस्टर भावना ने सहयोग किया। एनेस्थीसिया टीम में प्रोफेसर डाॅ. आरपी कौशल, डाॅ. जयदीप सिंह एवं डाॅ. श्वेता श्रीवास्तव

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