सऊदी अरब ने अभी निवेश की कोई जानकारी नहीं दी है लेकिन पिछले साल पाकिस्तान के केयरटेकर पीएम अनवार उल हक काकर ने ऐलान किया था कि सऊदी सरकार 2 से 5 साल के अंदर 25 अरब डॉलर का निवेश विभिन्न सेक्टर में करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार निजीकरण की प्रक्रिया को फिर से शुरू करेगी। इस मुलाकात के दौरान सऊदी प्रिंस ने शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री बनने के लिए बधाई दी। काकर ने बताया था कि सऊदी अरब खनन, कृषि और सूचना तकनीक सेक्टर में निवेश करेगा। पाकिस्तान चाहता है कि सऊदी अरब उनके देश में विदेशी निवेश को बढ़ाए।
शहबाज शरीफ को विपक्षी दलों ने घेरा
सऊदी अरब ने पाकिस्तान को डिफॉल्ट होने से बचाने के लिए अरबों डॉलर का लोन पहले ही दे रखा हुआ है। पाकिस्तान अब चाहता है कि सऊदी अरब लोन के अलावा उनके देश में निवेश करे लेकिन वह कोई ठोस प्लान नहीं दे पा रहा है। इसी वजह से पाकिस्तान में सऊदी अरब का निवेश रुका हुआ है। इससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। पाकिस्तान में इस साल केवल करीब 1 अरब डॉलर का विदेशी निवेश हुआ है। इसे पाकिस्तान की सरकार बढ़ाने के लिए सऊदी अरब की ओर उम्मीद के साथ देख रही है।
वहीं पाकिस्तान के विपक्षी दलों ने शहबाज के दौरे को फेल करार दिया है। उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ कटोरा लेकर गए थे लेकिन उन्हें कुछ भी हाथ नहीं लगा। इस बीच सऊदी प्रिंस ने शहबाज शरीफ को आश्वासन दिया है कि वह इस्लामाबाद का दौरा करेंगे। सऊदी अरब ने पाकिस्तान को यह भी कहा कि वह भारत के साथ बातचीत को फिर से शुरू करे। यही नहीं सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का जिक्र नहीं करके पाकिस्तान को करारा झटका दे दिया जो इसको लेकर गाता रहता है।











