मुजफ्फरपुर में 58 शिक्षकों की रोकी गई सैलरी, केके पाठक के इस आदेश पर तगड़ा एक्शन
मुजफ्फरपुर: बिहार शिक्षा विभाग में जब से आईएएस केके पाठक की एंट्री हुई है लगातार जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। पहले छात्रों के स्कूल से बिना बताए गायब होने पर एक्शन का फैसला लिया गया। 15 दिनों तक बिना सूचना स्कूल नहीं आने वाले लाखों को छात्रों का नामांकन रद्द किया गया। इस कदम के पीछे वजह यही थी कि स्कूलों में छात्रों की संख्या पूरी रहे। इसके बाद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने शिक्षकों को लेकर भी खास आदेश जारी किया। इसके मुताबिक, बिना सूचना स्कूल से अनुपस्थित शिक्षकों के वेतन पर रोक लगेगी। इसी आदेश पर मुजफ्फरपुर में कई टीचर्स पर कार्रवाई की गई है।
'नो वर्क-नो पे' के तहत एक्शन
'नो वर्क-नो पे' के तहत शिक्षकों पर एक्शन हुआ। डीईओ अजय सिंह ने बताया कि जिले के 15 प्रखंड में मौजूद स्कूलों के 58 शिक्षकों पर ये कार्रवाई की गई। उन्हें इस बात की सूचना दी गई कि बिना कोई जानकारी स्कूल से गायब रहने पर उनका वेतन रोका गया है। इसके साथ ही इन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया कि आखिर वो बिना सूचना स्कूल क्यों नहीं आ रहे। जिन शिक्षकों का वेतन रोका गया उनसे तीन दिन के भीतर सबूत भी देने का आदेश दिया है।
कहां-कितने शिक्षकों पर कार्रवाई
जिन शिक्षकों पर एक्शन हुआ उनमें मोतीपुर और मीनापुर इलाके प्रमुख हैं। मोतीपुर में 15 टीचर तो मीनापुर में 10 शिक्षक बिना सूचना स्कूल से गायब मिले। ये शिक्षक 6 अक्टूबर से 4 नवंबर के दौरान लगातार गायब थे। इसी के बाद कार्रवाई की गई। फिलहाल डीईओ के एक्शन से शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। हर कोई बेहद एक्टिव मोड पर नजर आ रहे हैं।











