मैं जिस लड़के को पसंद करती थी...
सीमा हैदर ने बताया कि वह पहले एक लड़के को पसंद करती थीं लेकिन उससे शादी नहीं हो पाई। सीमा की मोहब्बत से नाराज घरवालों ने जबरदस्ती उनकी शादी मौजूदा पति से करा दी। सीमा ने बताया, 'कोर्ट मैरिज में मुझसे जबरन साइन कराया गया था... हमारे यहां (पाकिस्तान) ऐसा होता है कि अगर आपने प्यार कर लिया तो लोग इसे गलत मानते हैं। बेइज्जती समझते हैं। मेरे पति की पहली शादी से दो बच्चे हैं। दो साल से वह साथ में नहीं हैं।' जब सीमा से कहा गया कि उनके पति सऊदी से पीएम मोदी से रिक्वेस्ट कर रहे हैं तो उन्होंने झट से जवाब दिया, 'मौका मिल गया है न अब तो। पूछिए पहले, कहां थे इतने दिन तक। 10 मई को मैं घर से निकली थी।'
सीमा हैदर ने बताया कि वह पहले एक लड़के को पसंद करती थीं लेकिन उससे शादी नहीं हो पाई। सीमा की मोहब्बत से नाराज घरवालों ने जबरदस्ती उनकी शादी मौजूदा पति से करा दी। सीमा ने बताया, 'कोर्ट मैरिज में मुझसे जबरन साइन कराया गया था... हमारे यहां (पाकिस्तान) ऐसा होता है कि अगर आपने प्यार कर लिया तो लोग इसे गलत मानते हैं। बेइज्जती समझते हैं। मेरे पति की पहली शादी से दो बच्चे हैं। दो साल से वह साथ में नहीं हैं।' जब सीमा से कहा गया कि उनके पति सऊदी से पीएम मोदी से रिक्वेस्ट कर रहे हैं तो उन्होंने झट से जवाब दिया, 'मौका मिल गया है न अब तो। पूछिए पहले, कहां थे इतने दिन तक। 10 मई को मैं घर से निकली थी।'
पाक से नेपाल और...
सीमा पाकिस्तान से नेपाल पहुंची थीं। वहां पाकिस्तानी सिम वाला फोन काम नहीं कर रहा था तो नोएडा कैसे पहुंचीं? सीमा ने बताया, 'पहले पैसे चेंज करवाए। एयरपोर्ट के अंदर ही सब कुछ है। 500 रुपये में वहां सिम मिलता है। मेरे पास सारे कागज थे बस भारत का वीजा नहीं था।' वह पहले सीधे भारत आना चाहती थीं लेकिन भारतीय अधिकारी यानी सरकारी मुलाजिम के साइन, आधार कार्ड चाहिए थे। सीमा कहती हैं कि सचिन को कोई दे नहीं रहा था। मुस्कुराते हुए वह आगे कहती हैं, 'लेकिन मैंने ठान लिया था कि मैं इंडिया जरूर जाऊंगी। मैं मर जाऊं पर इनके (सचिन) पास जरूर जाऊंगी।'
सीमा पाकिस्तान से नेपाल पहुंची थीं। वहां पाकिस्तानी सिम वाला फोन काम नहीं कर रहा था तो नोएडा कैसे पहुंचीं? सीमा ने बताया, 'पहले पैसे चेंज करवाए। एयरपोर्ट के अंदर ही सब कुछ है। 500 रुपये में वहां सिम मिलता है। मेरे पास सारे कागज थे बस भारत का वीजा नहीं था।' वह पहले सीधे भारत आना चाहती थीं लेकिन भारतीय अधिकारी यानी सरकारी मुलाजिम के साइन, आधार कार्ड चाहिए थे। सीमा कहती हैं कि सचिन को कोई दे नहीं रहा था। मुस्कुराते हुए वह आगे कहती हैं, 'लेकिन मैंने ठान लिया था कि मैं इंडिया जरूर जाऊंगी। मैं मर जाऊं पर इनके (सचिन) पास जरूर जाऊंगी।'
गदर का डायलॉग बोलते हुए सीमा कहती हैं, 'अगर सीमा को वीजा नहीं मिलेगा तो क्या वह इंडिया नहीं आएगी, आ गई न।'
अगर सीमा नहीं आ पातीं तो सचिन क्या करते? इस सवाल पर सीमा मुस्कुरा देती हैं और सचिन भी। सचिन ने इतना जरूर कहा कि सीमा के बच्चों को मैं अपने बच्चों से ज्यादा चाहूंगा। इन्हें पढ़ाऊंगा-लिखाऊंगा।
सचिन ने बताया कि जब नेपाल में सीमा मिलने आई थी तब बच्चे पाकिस्तान में थे। सचिन ने ही उससे कहा था कि सीमा तुम वापस पाकिस्तान जाओ और बच्चों को साथ लेकर आना। जबकि सीमा ने तय कर लिया था कि बच्चों को उनकी बहन पाकिस्तान में पाल लेगी। सचिन के कहने पर प्लान बदला और वह बच्चों के साथ नोएडा आ गई।











