संत हिरदाराम नगर। मास्टर प्लान ड्राफ्ट में ग्रामीण इलाकों की जमीन को कैचमेंट एरिया में शामिल रने का विरोध शुरू हो गया है। किसानों पर पैदल मार्च निकालकर मास्टर प्लान ड्राफ्ट का विरोध किया। भारतीय किसान संघ ने भी नागरिकों एवं किसानों की मांग का समर्थन किया है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोहरसिंह ठाकुर के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया। ठाकुर ने कहा है कि किसान लंबे समय से कैचमेंट समस्या के निराकरण क मांग करते आ रहे हैं। हमें उम्मीद थी कि मास्टर प्लान में हमारी जमीन का प्रयोजन कैचमेंट से हटाकर आवासीय एवं व्यवसायिक किया जाएगा लेकिन शासन ने कृषि भूमि को भी कैचमेंट में शामिल कर लिया है। यह तो सरासर अन्याय है। ठाकुर के अनुसार भारतीय किसान संघ के सहयोग से आंदोलन की रूपरेखा बनाई जा रही है।
हरिहर मंदिर कजलास तक पैदल मार्च
किसानों ने मुंगालिया छाप से कजलास तक पद यात्रा निकाली पद यात्रा लखापुर ईंटखेड़ी होते हुए कजलास पहुंची। इस यात्रा का मकसद कैचमेंट से होने वाली समस्या को लेकर किसानों में जागरूकता पैदा करना था। ठाकुर ने बताया कि समापन के मौके पर भोपाल के बड़े तालाब के कैचमेंट से प्रभावित 100 से अधिक गांव के लोगों की समस्या के बारे में चर्चा हुई। इसके बाद आगे के आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी। पैदल मार्च में पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोहर सिंह ठाकुर, तेजपाल पाटीदार तहसील हुजूर उपाध्यक्ष भारतीय किसान संघ, शिवराज सिंह ठाकुर तहसील हुजूर सह मंत्री भारतीय किसान संघ, बाबूलाल नागर, किसान गणेश राम, ठाकुर प्रसाद, पाटीदार भगवान सिंह, पाटीदार रमेश पटेल, सहित कई किसान नेता और किसान शामिल थे। इधर बैरागढ़ के सीहोर नाका क्षेत्र की आवासीय घोषित जमीन को कृषि एवं केंचमेन्ट घोषित करने के विरोध में व्यापारियों एवं रहवासियों ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग में आपत्ति दर्ज कराइ है











