भारत से रिश्ते खास... जयशंकर से मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा बयान, क्या टैरिफ पर जल्द मिलेगी खुशखबरी?

भारत से रिश्ते खास... जयशंकर से मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा बयान, क्या टैरिफ पर जल्द मिलेगी खुशखबरी?
वॉशिंगटन: भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने सोमवार को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि विदेश मंत्री रुबियो ने दोहराया कि अमेरिका के लिए भारत से संबंध विशिष्ट महत्व के हैं। इसके साथ ही दोनों नेताओं के बीच इस बात पर भी सहमति बनी कि अमेरिका और भारत QUAD के माध्यम से एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे। दोनों की मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब टैरिफ तनाव चल रहा है। इसके साथ ही अमेरिका ने H1B वीजा शुल्क को नाटकीय ढंग से बढ़ाकर 100000 डॉलर कर दिया है, जिसका असर भारतीय टेक इंटस्ट्री पर सबसे ज्यादा पड़ने की संभावना है।

जयशंकर ने बैठक को बताया अच्छी

रुबियो ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, फार्मा
श्यूटिकल्स, महत्वपूर्ण खनिजों और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों समेत कई मुद्दों पर भारत सरकार की निरंतर भागीदारी की सराहना की। बैठक के बाद भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'हमारी बातचीत में कई द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। हमने प्राथमिक क्षेत्रों में प्रगति के लिए सतत संवाद की अहमियत पर सहमति जताई।' उन्होंने बैठक को 'अच्छी' बताया और कहा कि हम संपर्क में रहेंगे।खास बात रही कि मार्को रूबियो की दिन की पहली द्विपक्षीय बैठक भी यही थी, जिसमें उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री से मुलाकात की। बैठक से पहले दोनों नेताओं ने मीडिया के सामने गर्मजोशी से हाथ मिलाया, लेकिन किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। सम्मेलन कक्ष को भारतीय और अमेरिकी झंडों व फूलों से सजाया गया था।

भारत और अमेरिका में टैरिफ पर तनाव

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक मुद्दों और रूस से तेल खरीद को लेकर हाल के दिनों में गहरे मतभेद उभरे हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50% का भारी टैरिफ लगाया है, जिसमें रूसी तेल पर 25% का दंडात्मक शुल्क भी शामिल है। फिर भी रणनीतिक रूप से दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत है। इसका उदाहरण क्वाड समूह है, जिसमें भारत और अमेरिका के अलावा ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं और जिसका फोकस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना है।
रूबियो इससे पहले जुलाई में वॉशिंगटन डीसी में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने भारत और अन्य देशों को अमेरिका के 'महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार' बताया था। हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर नई दिल्ली में वार्ता हुई। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें बधाई दी और 'यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में मदद' के लिए धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने भी जवाब में लिखा, "मैं भी भारत-अमेरिका साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।"
Advertisement