फर्जी लोन ऐप वालों की आएगी शामत, RBI उठाने जा रहा ये बड़ा कदम, जान लीजिए पूरी बात

फर्जी लोन ऐप वालों की आएगी शामत, RBI उठाने जा रहा ये बड़ा कदम, जान लीजिए पूरी बात

नई दिल्ली: मार्केट में फैले फ्रॉड ऑनलाइन लोन ऐप (Fake Loan App) के जाल से छुटकारा पाने के लिए RBI एक सिस्टम तैयार करने जा रहा है। इसके तहत जो भी ऐप बैंकिंग रेगुलेटरी सिस्टम के दायरे से बाहर रहकर उधार देने का काम कर रहे हैं, उन्हें इनएक्टिव कर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार कुछ समय पहले RBI ने गैर बैंकिंग फाइनैंस कंपनियों (NBFC) को उनके ऐप की लिस्ट शेयर करने को कहा था जिसे RBI ने फाइनैंस मिनिस्ट्री के साथ साझा किया था। उसके बाद अवैध तरीके से डिजिटल लोन देने वाले कई ऐप पर कड़ी कार्रवाई भी हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद दोबारा से ऐसे फर्जी डिजिटल लोन ऐप सामने आ गए।

हालांकि, RBI पहले ही कई बार ग्राहकों को चेता चुका है कि ग्राहक रजिस्टर्ड लोन ऐप से ही लोन लें, लेकिन जरूरतमंद ग्राहक अक्सर फर्जी ऐप के जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में इनके रिकवरी एजेंट ग्राहकों से न सिर्फ मनमाना ब्याज वसूलते हैं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित भी करते हैं। गौरतलब है कि RBI 2017 में ही एक सकुर्लर जारी कर ऐसे तमाम ऐप पर कार्रवाई कर चुका है।
 

बढ़ रहे चंगुल में फंसने के मामले

गौरतलब है कि एक बार फिर देश में चीनी डिजिटल लोन ऐप के चंगुल में फंसने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले ऐसे ही एक लोन मुहैया कराने वाले ऐप के एजेंटों की ओर से परेशान किए जाने से बेंगलुरु के 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र ने फांसी लगा ली। कथित तौर पर, मृतक छात्र ने 'स्लाइस और किस' चीनी ऐप से पैसे उधार लिए थे जिसे वह चुका नहीं पाया था। ऐसा ही केस कुछ दिनों पहले भोपाल में भी हुआ। वहां तो एक शख्स को लोन की रिकवरी के लिए इतना प्रताड़ित किया गया कि उसने दो छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी समेत आत्महत्या कर ली। ऐसे में अवैध डिजिटल लोन ऐप परa पहले से ही सख्त RBI अब नियमों के इतर उधार देने वाले ऐसे तमाम तरीकों पर लगाम कसने के लिए सिस्टम लाने पर काम कर रहा है।


क्या कहते हैं जानकार?

फाइनैंशल प्लानर कार्तिक झवेरी का कहना है कि RBI पहले ही इन पर बहुत सख्त है, लेकिन हर चीज के लिए सरकार प्रोविजन नहीं कर सकती। सोशल मीडिया के दौर में तो आजकल कई लोग बहुत से ग्रुप बनाकर ब्याज पर पैसा देने-लेने का काम कर रहे हैं, और वे ऐसी किसी एजेंसी को भी हायर कर लेते हैं, जो रिकवरी करे। इसकी एवज में वे इन्हें कमीशन दे देते हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि जब भी इस तरह के ऐप से लोन लें और लोन देने वाला बाजार में चल रही उधारी दर से ऊपर कई गुना ब्याज दर मांगे तो तुरंत समझ जाएं कि वह सही प्लैटफॉर्म नहीं है। झवेरी का कहना है कि आजकल बड़े बैंक और NBFC भी पर्सनल लोन सेग्मेंट में सक्रिय हैं। ऐसे में गलत जगह फंसने का कोई मतलब नहीं।

यदि आपको प्रताड़ित किया जा रहा है तो आप cybercrime.gov.in पर जाकर या फिर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
 
 
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