विराट कोहली और रोहित शर्मा के सपोर्ट में आए रविचंद्रन अश्विन, टीम मैनेजमेंट को तो धो डाला!

विराट कोहली और रोहित शर्मा के सपोर्ट में आए रविचंद्रन अश्विन, टीम मैनेजमेंट को तो धो डाला!
नई दिल्ली: भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय क्रिकेट मैनेजमेंट की जमकर आलोचना की है। अश्विन ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने नॉलेज ट्रांसफर और टीम मैनेमेंट के फैसलों पर भी सवाल उठाए। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'एक तरफ चयन है, दूसरी तरफ कोहली और रोहित। ये एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। चयन को देखने पर यह स्पष्ट है कि चयनकर्ता आगे बढ़ रहे हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'हालांकि, इस प्रक्रिया में उनके पास दो ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपने करियर के अंत के करीब हैं। एक बात मैं कहना चाहूंगा कि आपको ऐसे खिलाड़ियों को संभालने के तरीके में सुधार करने की जरूरत है। यह कहना बहुत आसान है कि वे बूढ़े हो गए हैं और उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए। हमें ऐसा महसूस होने का एक कारण यह भी है कि हम आईपीएल में कई युवा खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखते हैं और हमें लगता है कि वे इन अनुभवी खिलाड़ियों की जगह ले सकते हैं।'
नॉलेज ट्रांसफर पर अश्विन ने मैनेमेंट को घेरा
इसके अलावा अश्विन ने नॉलेज ट्रांसफर जैसे मुद्दों पर भी मैनेजमेंट को घेरा। अश्विन का मानना है कि नॉलेज ट्रांसफर का मतलब ये नहीं कि नए शॉट्स सिखाना नहीं है। उन्होंने कहा, 'नॉलेज ट्रांसफर का मतलब यह नहीं है कि कोहली और रोहित, शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा को नए शॉट्स सिखाएंगे, बल्कि यह उन्हें बताएगा कि दबाव भरी परिस्थितियों को कैसे संभालना है और चोटों से कैसे निपटना है। जिस तरह से कोहली और रोहित ने 2023 वनडे विश्व कप में बल्लेबाजी की थी उन्हें कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है, लेकिन क्या नॉलेज ट्रांसफर के लिए कोई जगह है? भारतीय क्रिकेट में वास्तव में नॉलेज ट्रांसफर के लिए कोई जगह नहीं है क्योंकि यहां कोई ट्रांजिशन फेज नहीं है।'
नॉलेज ट्रांसफर पर अश्विन ने मैनेमेंट को घेरा
इसके अलावा अश्विन ने नॉलेज ट्रांसफर जैसे मुद्दों पर भी मैनेजमेंट को घेरा। अश्विन का मानना है कि नॉलेज ट्रांसफर का मतलब ये नहीं कि नए शॉट्स सिखाना नहीं है। उन्होंने कहा, 'नॉलेज ट्रांसफर का मतलब यह नहीं है कि कोहली और रोहित, शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा को नए शॉट्स सिखाएंगे, बल्कि यह उन्हें बताएगा कि दबाव भरी परिस्थितियों को कैसे संभालना है और चोटों से कैसे निपटना है। जिस तरह से कोहली और रोहित ने 2023 वनडे विश्व कप में बल्लेबाजी की थी उन्हें कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है, लेकिन क्या नॉलेज ट्रांसफर के लिए कोई जगह है? भारतीय क्रिकेट में वास्तव में नॉलेज ट्रांसफर के लिए कोई जगह नहीं है क्योंकि यहां कोई ट्रांजिशन फेज नहीं है।
अश्विन ने अंत में आखिर में कहा, 'मैं वास्तव में उम्मीद करता हूं कि कोहली और रोहित के साथ बातचीत पहले ही हो चुकी होगी, लेकिन अगर यह अब हुई है तो पिछले साल विश्व कप में उनके टी20 से संन्यास के दौरान क्यों नहीं हुई? अगर उन्हें तब बताया गया होता तो वे कहते ठीक है बॉस क्या हम खेलना चाहते हैं क्योंकि टीम इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहती है और ये विकल्प हैं?'
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