सरकार अपने कर्मचारियों को अच्छी खासी सैलरी के साथ अनेक सुविधाएं देती है ताकि वह जनता का कार्य न्याय पूर्वक ईमानदारी से करें पर इनमें से कई लोग अच्छी खासी रिश्वत के बिना काम नहीं करते हैं, यदि आंकड़े लगाया जाए तो देश में दो नंबर का पैसा व्यापारी के बजाय अनेक रिटायर्ड और वर्तमान के सरकारी नौकरशाही के पास निकल जाएगा।
महंगी होटल में ठहरना, ब्रांडेड माल से खरीदी करना, डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी की परचेज, प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट, विदेश यात्रा करना और लग्जरी लाइफ जीना यह सब बातें पहले के जमाने में किसी बड़े व्यापारी या खानदानी रईस की होती थी परन्तु अब यह सब बातें आमतौर पर सरकारी नौकरीपेशा में पाई जाती है।
कई ऐसे सरकारी अफसर भी है जो विधी सम्मत् ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाते हैं और आम जनता की मदद करते हैं लेकीन ऐसे व्यक्ति अब गिने चुने रह गए, उन्हें सलाम।
सरकार ने आम जनता के लिए व्यापारी के लिए इंडस्ट्रीज के लिए प्रोफेशनल्स के लिए तमाम कड़े कानून बना रखे हैं पर यदि अपने ही कर्मचारियों के ऊपर निगरानी कड़क रखते तो शायद जनता राहत में रहती पर यह भी एक सुनने मे आता है कि सरकार ही कर्मचारियों के माध्यम से गलत काम करवाती हैं तो कर्मचारी भी सरकार का क्यों ना फायदा उठाएं।
- अशोक मेहता, इंदौर (लेखक पत्रकार पर्यावरणविद्)
(ये लेखक के अपने विचार है)











