मणिपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान अलग-अलग घटनाओं में एक व्यक्ति और उसके बेटे समेत 4 लोगों की हत्या कर दी गई। मणिपुर पुलिस ने गुरुवार 18 जनवरी को बताया उग्रवादियों ने बिष्णुपुर जिले में ओइनम बमोलजाओ (61) और उनके बेटे ओइनम मैनिटोम्बा (35) को मार डाला। साथ ही उसी जिले के स्वयंसेवक थियाम सोमेन (54) की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इसके अलावा, बुधवार 17 जनवरी की रात कांगपोकपी जिले की सीमा से लगे इम्फाल पश्चिम जिले के कांगचुप में एक गांव के स्वयंसेवक ताखेललंबम मनोरंजन (26) की मौत हो गई। साथ ही एक अन्य स्वयंसेवक मंगशताबम वांगलेन भी गोली लगने से घायल हो गया था।
इसके अलावा बुधवार को थौबल जिले में सुरक्षा बलों पर हुई गोलीबारी की घटना में विदेशी आतंकियों के शामिल होने के बात सामने आ रही है। मणिपुर से सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने कहा कि म्यांमार के कई आतंकी हिंसा के लिए भाड़े पर बुलाए गए थे।
उधर, मणिपुर में पिछले साल से शुरू हुई हिंसा को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इम्फाल में रैली निकाली गई, जिसमें लोगों ने सरकार से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
केंद्र ने मणिपुर की मांग पर भेजा सेना का हेलिकॉप्टर
मणिपुर में कुछ दिनों से सुरक्षा बलों पर म्यांमार सीमा पर हो रहे हमलों से केंद्र सरकार भी गंभीर हो गई है। राज्य सरकार की मांग पर कदम उठाते हुए केंद्र ने इम्फाल में सेना का एक विशेष हेलिकॉप्टर (ALH DRUV) भेज दिया है। सैन्य और मेडिकल जरूरतों संबंधी हर तरह के आपातकालीन मौकों पर इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
थौबल में पुलिस हेडक्वार्टर पर फायरिंग, BSF के 3 जवान घायल
थौबल जिले में उपद्रवियों ने बुधवार रात (17 जनवरी ) पुलिस हेडक्वार्टर पर हमला किया था। उपद्रवी भीड़ की तरफ से की गई फायरिंग में तीन जवान घायल हो गए। पुलिस के अनुसार भीड़ ने पहले हेडक्वार्टर में दाखिल होने की कोशिश की थी।
मणिपुर में अब तक 200 से ज्यादा मौतें, 1100 घायल
राज्य में 3 मई से कुकी और मैतेई के बीच जारी जातीय हिंसा में 200 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। 1100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राज्य में अब तक 65 हजार से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। 6 हजार मामले दर्ज हुए हैं और 144 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।











