राज्य शासन को भेजा प्रस्ताव:प्रदेश में पुलिसकर्मियों के 18 हजार पद खाली

राज्य शासन को भेजा प्रस्ताव:प्रदेश में पुलिसकर्मियों के 18 हजार पद खाली
भोपाल, मप्र पुलिस में 9700 पदों पर नई भर्ती करने की तैयारी कर ली गई है। इसके लिए पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा ने प्रस्ताव बनाकर राज्य शासन को भेजा है। प्रस्ताव में 7500 आरक्षक (सिपाही), 1000 ड्राइवर और 1200 मिनिस्ट्रियल स्टाफ के पद शामिल हैं। चयन एवं भर्ती शाखा ने प्रदेश के सभी जिलों से रिक्त पदों की जानकारी जुटाने के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया है। अफसरों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में सिपाही स्तर के करीब 13 हजार पद खाली हैं। हर साल यह आंकड़ा और बढ़ जाता है, क्योंकि हर साल 11-12 हजार पुलिसकर्मी रिटायर हो जाते हैं।

प्रदेश में पुलिस बल की कमी को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही मप्र पुलिस में 22 हजार पदों पर भर्ती का ऐलान कर चुके हैं। इसी के तहत चरणबद्ध तरीके से नई भर्तियां करने की योजना बनाई जा रही है। फिलहाल आरक्षक भर्ती-2025 की फिजिकल परीक्षा की प्रक्रिया चल रही है और उसके परिणाम आने से पहले ही नई भर्ती के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है।

अभी मप्र में पुलिस के करीब 18 हजार पद खाली हैं

पुलिस आरक्षक भर्ती-2025 के फिजिकल टेस्ट पूरे हो चुके हैं, जिसके बाद भी मप्र पुलिस में एसआई, एएसआई, हवलदार और सिपाही स्तर के करीब 18000 पद रिक्त हैं। इससे पहले 2023 में भी 7500 पदों पर भर्ती हुई थी, जिसकी लिखित और शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करने के बाद नव आरक्षक मप्र के सेंटर्स में ट्रेनिंग ले रहे हैं। चयन एवं भर्ती शाखा की कोशिशों के बाद गृह विभाग ने उप निरीक्षक पदों के भर्ती नियमों में संशोधन करना पड़ा था।

मंजूरी मिलते ही शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया

पुलिस मुख्यालय के अफसरों का कहना है कि राज्य सरकार से अनुमति मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। संभावना है कि एक महीने के भीतर मप्र कर्मचारी चयन मंडल की मदद से लिखित परीक्षा आयोजित कर ली जाएगी। लिखित परीक्षा के बाद उम्मीदवारों की फिजिकल परीक्षा सर्दियों के मौसम में कराई जाएगी। गर्मी के मौसम में फिजिकल टेस्ट कराने से उम्मीदवारों की दौड़ और अन्य शारीरिक परीक्षण प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए यह प्रक्रिया आमतौर पर सर्दियों में ही आयोजित की जाती है।

2009 तक पुलिस खुद करती थी भर्ती

साल 2009 से पहले तक पुलिस खुद ही अपने स्तर पर सिपाही और एसआई की भर्ती करती थी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा गाइडलाइन और प्रश्न पत्र तय करती थी। इन्हीं तय पैमानों के आधार पर जिलों में भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाती थी। हालांकि, भर्ती को लेकर काफी सवाल उठने लगे, इसलिए पुलिस सिपाही-एसआई भर्ती प्रक्रिया के लिए लिखित परीक्षा की जिम्मेदारी ईएसबी (तत्कालीन व्यापमं) को दे दी गई। फिर भी शारीरिक दक्षता परीक्षा की जिम्मेदारी पुलिस के पास ही रहती है।

सिंहस्थ-2028 और बढ़ते काम के कारण भर्ती जरूरी

मप्र पुलिस में वर्ष 2025 में 8,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है, जिनमें उप निरीक्षक, आरक्षक और कार्यालयीन पद शामिल हैं। वर्ष 2026 में भी 9,700 पदों पर भर्ती की अनुमति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सिंहस्थ-2028 के सफल और सुरक्षित आयोजन तथा पुलिस थानों पर बढ़ते कार्यभार को देखते हुए यह भर्ती जरूरी है। 

-कैलाश मकवाणा, डीजीपी


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