सीतारमण ने ‘पीएसबी कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमें उम्मीद है कि बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति के गठन की घोषणा जल्द होगी। समिति की घोषणा जल्द की जाएगी।’ उन्होंने कहा कि समिति सरकार को अपने विचार और सिफारिशें देगी। यह कमिटी 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने में बैंकों की भूमिका पर विचार करेगी। साल 2047 का लक्ष्य बहुत दूर नहीं है। अभी 2026 चल रहा है, यानी हमारे पास 20 साल से भी कम समय बचा है।
सुधारों को बढ़ाने का मौका
वित्त मंत्री ने बैंकिंग सेक्टर में एसेट क्वालिटी में आए मजबूत सुधार का भी जिक्र किया और कहा कि यह सुधार अब बैंकिंग सेक्टर में सुधारों को आगे बढ़ाने का एक बेहतरीन मौका देता है। उन्होंने सरकारी बैंकों से कहा कि वे अपनी मजबूत बैलेंस शीट का इस्तेमाल आर्थिक विकास के अगले चरण को सहारा देने और बैंकिंग सुधारों की तैयारी के लिए करें। इन सुधारों का मकसद एक ऐसी वित्तीय प्रणाली बनाना है जो सरकार के 'विकसित भारत 2047' के विजन के अनुरूप हो।सीतारमण ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर मजबूत स्थिति के साथ अगले चरण में प्रवेश कर रहा है, क्योंकि नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) अपने सबसे निचले स्तर पर हैं। उन्होंने बताया कि एनपीए के अब तक के सबसे निचले स्तर पर होने के कारण बैंकों के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने की इससे बेहतर मजबूत स्थिति नहीं हो सकती।
