राजस्थान में भाजपा ने बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़े से भी ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की है। इस जीत के पीछे भाजपा-कांग्रेस के बड़े स्टार प्रचारकों ने धुआंधार रैली-सभाएं और रोड शो कर वोटर्स को अपने पक्ष में करने के लिए जान झोंक दी थी।
बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के स्टार प्रचारक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने सबसे ज्यादा सभाएं कीं। दैनिक भास्कर ने एनालिसिस किया कि जहां इन बड़े नेताओं ने सभाएं कीं, आखिर उन जिलों में भाजपा या कांग्रेस की परफॉर्मेंस कैसी रही। इस एनालिसिस में कई रोचक तथ्य भी सामने आए।
14 जिलों में 12 सभाएं और 2 रोड शो, 63.46% रही परफॉर्मेंस
भाजपा के चुनाव अभियान में सबसे प्रमुख भूमिका प्रधानमंत्री मोदी की रहती है। राजस्थान में भी कांग्रेस फ्री योजनाओं और महंगाई राहत शिविर के जरिए सरकार रिपीट करने का प्रयास कर रही थी, ऐसे माहौल में मोदी ने प्रचार में जी-जान झोंक दी। मोदी ने भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए दो रोड शो सहित 14 सभाओं से 14 जिलों को कवर किया। इन जिलों की 104 सीटों को देखा जाए, तो भाजपा ने 66 सीटों पर जीत हासिल कीं। मोदी की परफॉर्मेंस का प्रतिशत 63.46 रहा।
रोड शो से एक ही जिले के 3 मंत्रियों की सीटें साफ
प्रधानमंत्री मोदी ने जयपुर और बीकानेर में रोड शो किए, लेकिन कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद राहुल गांधी और प्रियंका ने केवल सभाओं में दिलचस्पी दिखाई। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार राहुल के रोड शो करने की डिमांड कई शहरों से आ रही थी।
मोदी के रोड शो के कारण बीकानेर में ऐसा माहौल बना कि 3 मंत्री अपनी सीटें गंवा बैठे। वहीं, जयपुर जिले में भी 2 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा। बीकानेर की 7 में से 1 सीट पर ही कांग्रेस जीत पाई और 6 पर भाजपा ने कब्जा किया। ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी, शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला और आपदा राहत मंत्री गोविंद मेघवाल को हार का मुंह देखना पड़ा।
मोदी के रोड शो में भी एक खास बात रही। जयपुर में मोदी का रोड शो परकोटा में हुआ था। यहां दो सीटें हवामहल और किशनपोल हैं, वहीं आदर्श नगर सीट का कुछ हिस्सा भी इस क्षेत्र में आता है। यहां की किशनपोल और आदर्श नगर जैसी दो सीटें भाजपा ने गंवाई और एक सीट हवामहल पर ऐसी कांटे की टक्कर चली कि काउंटिंग के आखिरी राउंड में 974 वोट से भाजपा के बालमुकुंद आचार्य जीत गए।
हालांकि ओवरऑल जयपुर जिले की बात करें, तो यहां की 19 सीटों में से 12 भाजपा ने जीती और झोटवाड़ा, सिविल लाइंस जैसी सीटों को अपनी झोली में डाल लिया। कांग्रेस को 7 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।
12 जिलों का हिसाब-किताब
जिला | कुल सीट | भाजपा | कांग्रेस | अन्य |
उदयपुर | 8 | 6 | 2 | 0 |
भरतपुर | 7 | 5 | 1+1 (गठबंधन) | 0 |
नागौर | 10 | 4 | 4 | 2 |
बाड़मेर | 7 | 4 | 1 | 2 |
राजसमंद | 4 | 4 | 0 | 0 |
ब्यावर (अजमेर) | 8 | 7 | 1 | 0 |
भीलवाड़ा | 7 | 6 | 0 | 1 |
डूंगरपुर | 4 | 1 | 1 | 2 |
बारां | 4 | 4 | 0 | 0 |
कोटा | 6 | 4 | 2 | 0 |
चूरू | 6 | 1 | 4 | 1 |
झुंझुनूं | 7 | 2 | 5 | 0 |
राहुल गांधी से 38 फीसदी सीटों पर फायदा
राहुल गांधी को राजस्थान से काफी उम्मीदें थीं। उन्होंने अपनी 12 सभाओं से 11 जिलों में कांग्रेस की हवा बनाने का प्रयास किया। इन जिलों की 60 सीटों में से कांग्रेस को 23 पर जीत मिली। राहुल गांधी की परफॉर्मेंस 38.33 प्रतिशत रही।
राहुल गांधी की 11 जिलों में सभाओं का हिसाब-किताब
राहुल गांधी को राजस्थान से काफी उम्मीदें थीं। उन्होंने अपनी 12 सभाओं से 11 जिलों में कांग्रेस की हवा बनाने का प्रयास किया। इन जिलों की 60 सीटों में से कांग्रेस को 23 पर जीत मिली। राहुल गांधी की परफॉर्मेंस 38.33 प्रतिशत रही।
राहुल गांधी की 11 जिलों में सभाओं का हिसाब-किताब
| जिला | कुल सीट | भाजपा | कांग्रेस | अन्य |
श्रीगंगानगर | 6 | 2 | 4 | 0 |
चूरू | 6 | 1 | 4 | 1 |
हनुमानगढ़ | 5 | 1 | 3 | 1 |
सवाई माधोपुर | 4 | 2 | 2 | 0 |
भरतपुर | 7 | 5 | 1 | 1 |
धौलपुर | 4 | 0 | 3 | 1 |
जालोर | 5 | 2 | 2 | 1 |
बाड़मेर | 7 | 4 | 1 | 2 |
उदयपुर | 8 | 6 | 2 | 0 |
बूंदी | 3 | 0 | 3 | 0 |
दौसा | 5 | 4 | 1 | 0 |
प्रियंका गांधी जहां गईं वहां 20% जीत
प्रियंका गांधी भी राजस्थान में सक्रिय रहीं। प्रियंका गांधी ने भी यहां 6 सभाएं कीं और 5 जिले कवर किए। इन जिलों में 43 सीटों के वोटर्स को प्रभावित करने का प्रयास किया। हालांकि रिजल्ट उम्मीद के अनुसार नहीं आया। कांग्रेस यहां से 9 सीटें जीतीं। प्रियंका का प्रदर्शन 20.93 फीसदी रहा।
प्रियंका गांधी की 5 जिलों में 6 सभाओं का हिसाब
| जिला | कुल सीट | भाजपा | कांग्रेस | अन्य |
| डूंगरपुर | 4 | 1 | 1 | 2 |
| चित्तौड़गढ़ | 5 | 4 | 0 | 1 |
| अजमेर | 8 | 7 | 1 | 0 |
| जयपुर | 19 | 12 | 7 | 0 |
| भीलवाड़ा | 7 | 6 | 0 | 1 |











