दुनिया के देशों में शादी करना हमारे देश के धन्नासेठों के लिए फैशन बन गया है। मैं देश के धन्नासेठों को मैं कहना चाहता हूं कि जब जोड़े ईश्वर बना रहा है तो जोड़ा अपने जीवन की यात्रा उस ईश्वर के चरणों में आने के बजाय विदेश में जाकर क्यों करता है।
मैं चाहता हूं देश के नौजवानों को 'मेक इन इंडिया' की तरह 'वेड इन इंडिया' मूमेंट चलाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देहरादून में 'उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023' के इनॉगरेशन के मौके पर ये बात कही। ये समिट 9 दिसंबर तक चलेगी।
पतंजलि ग्रुप के बाबा रामदेव, JSW स्टील के चेयरमैन और MD सज्जन जिंदल समेत प्रमुख इंडस्ट्रियलिस्ट इस समिट में शामिल हुए हैं। वहीं समिट में बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि ग्रुप उत्तराखंड में 10,000 करोड़ रुपए का नया निवेश करेगा।
पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें:
1. धन्नासेठों के लिए विदेश में शादी फैशन
पीएम मोदी ने कहा- देश के धन्नासेठों, अमीरों, मिलेनियर और बिलेनियर से कहना चाहता हूं कि हमारे यहां माना जाता है कि जो शादी होती है वो जोड़े ईश्वर बनाता है। मैं समझ नहीं पा रहा हूं, जब जोड़े ईश्वर बना रहा है तो जोड़ा अपने जीवन की यात्रा ईश्वर के चरणों में आने के बजाय विदेश में क्यों करता है।
मैं चाहता हूं कि देश के नौजवानों को 'मेक इन इंडिया' की तरह एक मूवमेंट 'वेड इन इंडिया' चलाना चाहिए। शादी हिंदुस्तान में करो। ये दुनिया के देशों में शादी करना हमारे देश के धन्नासेठों का फैशन हो गया है।
मैं चाहूंगा कि आप कुछ इन्वेस्टमेंट करें न करें... छोड़ो। अगले 5 साल में आपके परिवार की एक डेस्टिनेशन वेडिंग उत्तराखंड में करें। अगर एक साल में 5 हजार भी शादी यहां होने लगे तो नया इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा हो जाएगा। दुनिया के लिए बड़ा वेडिंग डेस्टिनेशन बन जाएगा।
2. पांच साल में 13.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए
पीएम ने कहा कि पिछले 5 साल में 13.5 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए हैं। इन करोड़ों लोगों ने अर्थव्यवस्था को एक नई गति दी है। भारत में कंजम्पशन बेस्ड इकोनॉमी तेजी से आगे बढ़ रही है। एक तरफ आज न्यो मिडिल क्लास है, जो गरीबी से बाहर निकला है वो अपनी जरूरतों पर ज्यादा खर्च करने लगा है।
दूसरी तरफ मिडिल क्लास है जो अपनी आकांशाओं की पूर्ति पर अपनी पसंद की चीजों पर ज्यादा खर्च कर रहा है। इसलिए हमें भारत के मिडिल क्लास के पोटेंशियल को समझना होगा। मैं उत्तराखंड सरकार को हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड लॉन्च करने के लिए बधाई देता हूं, जो उत्तराखंड के लोकल उत्पादों को विदेशी बाजारों में स्थापित करने का काम करेगा।
ये हमारी वोकल टू लोकल और लोकल टू ग्लोबल के कॉन्सेप्ट को मजबूत करता है। इससे उत्तराखंड के विदेशी बाजार में पहचान मिलेगी। भारत के हर जिले और ब्लॉक में ऐसे प्रोडक्ट हैं, जो लोकल है लेकिन उनमें ग्लोबल बनने की संभावनाएं हैं।
दो दिन चलेगी समिट, 8 हजार से अधिक प्रतिनिधि शामिल
दो दिन की इस समिट की थीम - "पीस टू प्रोस्पेरिटी" है। इसमें स्पेन, स्लोवेनिया, नेपाल, क्यूबा, ग्रीस, ऑस्ट्रिया, जापान, सऊदी अरब और अन्य देशों के 15 राजदूतों और मिशन प्रमुखों सहित 8,000 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रतिनिधिमंडल में वोल्टास, अमूल, आईजीएल, अंबुजा एक्सपोर्ट्स और थापर ग्रुप जैसे कॉरपोरेट्स के टॉप अधिकारी शामिल होंगे।
इन्वेस्टर-फ्रेडली पॉलिसीज और गुड गवर्नेंस शोकेस होगा
समिट में राज्य की 15 इन्वेस्टर-फ्रेडली पॉलिसीज और गुड गवर्नेंस को शोकेस किया जाएगा। एजेंडे में बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) और गवर्नमेंट-टू-बिजनेस (जी2बी) बैठकें भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य निवेशकों को अपने फैसले लेने में मदद करना है। ये समिट एग्जिबिटर्स और प्राइवेट और पब्लिश ऑर्गनाइजेशन्स को कटिंग-एज टेक्नोलॉजी, इनोवेशन्स और फ्यूचर ट्रेंड को शोकेस करने का मौका देगी।
सीएम धामी बोले- निवेश के लिए सबसे उपयुक्त है उत्तराखंड
बीते दिनों उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स मीट को संबोधित करते हुए कहा था कि उत्तराखंड कानून व्यवस्था के मामले में देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक है और निवेश के लिए सबसे उपयुक्त है।
2 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर
धामी ने कहा, 'हम इन्वेस्टर्स समिट को लेकर देश-विदेश में कई जगहों पर गए, जहां से हमें काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। अब तक 2 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।' उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का सबसे ज्यादा फोकस रोजगार सृजन पर है।











