रॉयटर्स के एक रिपोर्ट के मुताबिक डीजल की कीमत 115 टका से 17.4% बढ़कर 135 टका प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 145 टका से बढ़कर 165 टका प्रति लीटर, पेट्रोल की कीमत 140 टका से बढ़कर 160 टका और केरोसिन की कीमत 135 टका से बढ़कर 155 टका हो गई है। नई दरें आज से लागू हो गई हैं।
बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि मार्च 2026 के बाद से इंटरनेशनल मार्केट में फ्यूल की कीमतें दोगुनी से ज्यादा हो गई हैं, जबकि क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण माल ढुलाई (फ्रेट) का खर्च भी काफी बढ़ गया है। इस बढ़ोतरी से आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था में ट्रांसपोर्ट और प्रोडक्शन की लागत बढ़ने की उम्मीद है। इससे महंगाई का दबाव और बढ़ेगा, जबकि देश का अहम गारमेंट एक्सपोर्ट सेक्टर समेत कई इंडस्ट्रीज पहले से ही भारी ऊर्जा संकट से जूझ रही हैं।
बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि मार्च 2026 के बाद से इंटरनेशनल मार्केट में फ्यूल की कीमतें दोगुनी से ज्यादा हो गई हैं, जबकि क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण माल ढुलाई (फ्रेट) का खर्च भी काफी बढ़ गया है। इस बढ़ोतरी से आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था में ट्रांसपोर्ट और प्रोडक्शन की लागत बढ़ने की उम्मीद है। इससे महंगाई का दबाव और बढ़ेगा, जबकि देश का अहम गारमेंट एक्सपोर्ट सेक्टर समेत कई इंडस्ट्रीज पहले से ही भारी ऊर्जा संकट से जूझ रही हैं।
क्या होगा फायदा?
यह बढ़ोतरी अप्रैल और जून में फ्यूल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद की गई है। उस समय भी सरकार ने ग्लोबल मार्केट में तेल की ऊंची कीमतों के कारण आयात की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कीमतें बढ़ाई थीं। मंत्रालय ने बताया कि सरकारी कंपनी बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को मार्च और अगस्त के बीच 228.76 अरब टका (1.9 अरब डॉलर) का नुकसान हुआ।सरकार का दावा है कि आज की बढ़ोतरी से कंपनी के सालाना नुकसान में लगभग 100 अरब टका की कमी आ सकती है। साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी और पड़ोसी देशों में फ्यूल की तस्करी पर रोक लगेगी। इस बढ़ोतरी के बाद बांग्लादेश में डीजल की कीमत भारतीय रुपये में 105.58 रुपये लीटर हो गई है जबकि पेट्रोल 125.04 रुपये लीटर पहुंच गया है।
