बूंदी पुलिस ने 2019 में दर्ज किया था मामला
अक्टूबर 2019 में अभिनेत्री पायल रोहतगी ने स्वतंत्रता सैनानी कमला नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।इसके बाद बूंदी के स्थानीय कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने एक्शन लिया। इस मामले में सदर थाना पुलिस ने आईटी एक्ट और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की जांच के बाद आरोपी अभिनेत्री पायल रोहतगी को बूंदी पुलिस ने अहमदाबाद से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद न्यायालय ने पायल को एक दिन के लिए जेल भी भेज दिया था। इसके बाद से ही पायल रोहतगी मामले में जमानत पर बाहर है।रोहतगी ने सोमवार को खुद पैरवी की
फरियादी पक्ष की ओर से न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश पारीक, एडवोकेट देवराज गोचर और नंदन विजय उपस्थित रहे। वहीं अभिनेत्री पायल रोहतगी ने अपनी पैरवी खुद की। इससे पहले पिछली तारीख पर पायल रोहतगी ने विधिक सेवा प्राधिकरण में नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध करवाने का आवेदन किया था।हो सकती है 3 साल तक की सजा
पायल राहेतगी पर जिन धाराओं में आरोप तय किए गए हैं उनमें उन्हें अधिकत 3 साल तक की सजा हो सती है। आईटी एक्टी की धारा 67 के तहत पहली बार दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की कैद और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है जबकि जानबूझकर अपमान करने को लेकर लगाई गई आईपीसी धारा 504 के तहत तीन वर्ष कारावास, या आर्थिक दण्ड, या दोनों हो सकती हैं।











