बताया जा रहा है कि शाहिद लतीफ ने ही सियालकोट हमले का समन्वय किया था। उसी ने जैश के 4 आतंकियों को पठानकोट में हमला करने के लिए भेजा था। शाहिद लतीफ को नवंबर 1994 में भारत में अरेस्ट किया गया था। उस पर आतंकी गतिविधि को अंजाम देने का आरोप था। उसे यूएपीए के तहत अरेस्ट किया गया था। भारत में जेल की सजा काटने के बाद उसे साल 2010 में वाघा बार्डर के जरिए पाकिस्तान डिपोर्ट कर दिया गया था।
शाहिद लतीफ पर साल 1999 में इंडियन एयरलाइंस के प्लेन के हाइजैक करने का भी आरोप है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच में पता चला था कि शाहिद भारत से जाने के बाद एक बार फिर से पाकिस्तान में जिहादी फैक्ट्री में शामिल हो गया था। भारत सरकार ने उसे वांछित आतंकियों की लिस्ट में शामिल किया था। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई उसकी सुरक्षा में लगी हुई थी लेकिन अज्ञात बंदूकधारियों ने उसकी हत्या कर दी है। पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान में कई आतंकियों की हत्या की गई है।











