दूसरे दिन भी पेट्रोल पंपों पर लाइनें
इजरायल-ईरान के बीच छिड़े युद्ध के लोगों को आशंका है कि कहीं पेट्रोल-डीजल के खत्म होने आशंका और कुछ पेट्रोल पंपों के बिक्री बंद करने के घटनाक्रम ने डरा दिया है। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से मिली जानकारी के अनुसार ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि तेल कंपनियों ने पेंमेंट के सिस्टम को प्रीपेड कर दिया है। नई व्यवस्था के बीच जब कुछ पेट्रोल पंप ने बिक्री बंद की तो पैनिक फैल गया। वडोदरा में पेट्रोल पंपों की यूनियन के अध्यक्ष ने मेहुल पटेल इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि भारत के पास 70 दिन का स्टॉक है।गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। उन्होंने कहा है कि किसी भी तरह की अफ़वाहों या घबराहट में आए बिना शांति बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने जनता से अनुरोध किया है कि अनावश्यक कतारें न लगाएं, क्योंकि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त है।
DCM हर्ष संघवी ने संभाला माेर्चा
गुजरात के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह और सोशल मीडिया में आई पोस्ट के बाद हर्ष संघवी ने साफ किया है कि अगर कोई अनावश्क तौर पर बिना आधिकारिक पुष्टि के ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हर्ष संघवी ने एक उच्चस्तरीय बैठक भी ली।
अफवाहों पर ध्यान न दें: हर्ष संघवी
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा है कि सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे पेट्रोल और डीजल के संबंध में सोशल मीडिया या WhatsApp पर फैल रही किसी भी अफवाह पर बिना किसी आधिकारिक जानकारी के जल्दबाजी में विश्वास न करें। राज्य सरकार और विशेष रूप से केंद्र सरकार, पेट्रोल और डीजल की मात्रा और आपूर्ति पर प्रतिदिन नजर रखती है। यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तैयारियां की गई हैं कि राज्य के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध रहे। गुजरात में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह ऐसे वक्त पर फैली जब सूरत से प्रवासी मजदूरों के पलायन और मोरबी में सिरेमिट इंडस्ट्री के ठप पड़ने की बातें सामने आ रही हैं।











