मलेशिया के शिक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मोहम्मद आजम अहमद ने सोमवार को अपने बयान में कहा, 'इन्फ्लूएंजा संक्रमण के फैलने का तरीका कोरोना वायरस से मिलता-जुलता है। हमें संक्रामक बीमारियों से निपटने का अनुभव है और इसका इस्तेमाल हम कर रहे हैं। हमने स्कूलों को कोविड के समय के दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा है। छात्रों को फेस मास्क पहनने के लिए प्रोत्साहित किया है। साथ ही लोगों को जमा होने से मना किया गया है। हालांकि लॉकडाउन जैसी स्थिति से सरकार ने इनकार किया है।
देशभर में फैला संक्रमण
मोहम्मद आजम अहमद ने इन्फ्लूएंजा से प्रभावित स्कूलों की सटीक संख्या नहीं बताई है लेकिन पूरे देश में संक्रमण फैल जाने की पुष्टि की है। पिछले सप्ताह तक संक्रमण के ज्यादातर मामले स्कूल और किंडरगार्टन से जुड़े थे। इनमें सेलांगोर सबसे ज्यादा प्रभावित था। इसके बाद कुआलालंपुर, पुत्रजया, पेनांग, जोहोर और केदाह में संक्रमण के मामले मिले हैं।डॉक्टर शरीफा एजात वान पुतेह ने माता-पिता को बच्चों के लिए फ्लू के टीके को प्राथमिकता देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि वार्षिक टीकाकरण जरूरी है क्योंकि इन्फ्लूएंजा वायरस समय के साथ बदलते रहते हैं और हर साल टीके को अपडेट किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि फ्लू का टीका छह महीने और उससे ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए है।











