यशायाह रोसेनमैन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने उनको बहुत प्रभावित किया है। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'प्रतिभाशाली व्यक्तियों को कड़ी मेहनत और उपलब्धियों के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर देना भारत की भविष्य की समृद्धि में योगदान देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर दिखाता है कि पारिवारिक संबंधों या विरासत में मिले विशेषाधिकारों के बजाय योग्यता और उपलब्धियां कितनी महत्वपूर्ण हैं।'
RSS में मेरे कुछ दोस्त हैं, जिनसे मेरी मुलाकात भारत में इजरायली राजनयिक टीम के कार्यक्रमों में हुई थी। हमारी विचारधाराएं मिलती-जुलती हैं। मुझे भारतीय समाज को जानने का भी मौका मिल रहा है।
'आरएसएस में मेरिटोक्रेसी है'
रोसेनमैन ने कहा, 'आरएसएस के मुख्य गुणों में से एक योग्यता-आधारित प्रणाली (मेरिटोक्रेसी) है। प्रधानमंत्री मोदी का उदाहरण लें। वे सत्ता में इसलिए नहीं आए कि वे किसी के बेटे थे या बहुत अमीर थे। वे अपनी मेहनत और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी उपलब्धियों के कारण सत्ता में आए। योग्यता पर आधारित व्यवस्था युवाओं में आकांक्षा जगाती है और नए अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।'रोसेनमैन ने आगे कहा, 'भारत जितना मेरिटोक्रेटिक बनेगा और जितना अधिक प्रतिभाशाली लोगों को आगे बढ़ने का मौका देगा। उतना ही वह समृद्ध होगा और युवाओं को आगे बढ़ने के नए रास्ते मिलेंगे। किताब में अपने योगदान के बारे में बात करते हुए रोसेनमैन ने कहा कि यह आरएसएस और भारत के बाहर के लोगों, खासकर इजरायल और यहूदी दुनिया के बीच बेहतर जुड़ाव को बढ़ावा देने का बढ़िया अवसर है।
मुझे उम्मीद है कि मेरा लेख आरएसएस के लिए इजरायल और यहूदी दुनिया तक पहुंचने में एक मददगार कदम साबित होगा। यह लेख इजरायली और भारतीय संस्कृतियों का तुलनात्मक अध्ययन करता है।



