एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, क्लॉस आर्मिनियस का कहना है कि टिम हॉर्टन्स ने पहले तो कनाडाई लोगों के साथ भेदभाव किया और जब उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो उनको कंपनी ने नौकरी ये निकाल दिया। महिला का दावा है कि कंपनी भारतीयों का पक्ष लेती है, जो देश की विविधता और समावेशी चरित्र के खिलाफ है। ऐसे में कंपनी के इस रवैये पर रोक लगनी चाहिए।
लाखों लोग देख चुके हैं क्लॉस का पोस्ट
क्लॉस की इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर बड़ी तादाद में लोगों का ध्यान खींचा है। यूजर्स ने इस मुद्दे पर अलग-अलग राय व्यक्त की है। कई कनाडाई लोगों ने किसी नौकरी में इस तरह के पक्षपात पर गहरी चिंता जताई है, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अप्रवासी योग्य हैं और कम वेतन में काम करने को राजी हो जाते हैं तो उनको नौकरी क्यों नहीं दी जानी चाहिए। टिम हॉर्टन्स ने अपनी पूर्व कर्मचारी के इन आरोपों पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है।
क्लॉस की ये पोस्ट ऐसे समय में सामने आई है और वायरल हो रही है जब कनाडा में घरों की कमी और बढ़ती बेरोजगारी बड़ा मुद्दा बन रहे हैं। कनाडा में बहुत से लोग आप्रवासियों की बेतहाशा बढ़ती संख्या को घरों और नौकरियों की कमी की वजह मान रहे हैं। देश की जस्टिन ट्रूडो की सरकार ने हालिया समय में विदेशियों की संख्या घटाने को कई कदम भी उठाए हैं।











