चीफ जस्टिस ने कहा कि हमें एक अभूतपूर्व स्थिति के कारण यह निर्णय लेना पड़ा है। कर्नाटक हाईकोर्ट हमेशा जनता के लिए बेहतर टेक्नॉलजी के यूज के पक्ष में था। हालांकि दुर्भाग्य से टेक्नॉलजी का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने वकीलों से यह भी अनुरोध किया कि अनुमति क्यों नहीं दी गई। यह जानने के लिए रजिस्ट्रार और कंप्यूटर टीम के पास न जाएं। चीफ जस्टिस ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अभूतपूर्व घटना बताया।
असल में क्या हुआ?
शरारती तत्वों ने कर्नाटक हाईकोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग को हैक कर अश्लील वीडियो चला दिए। अधिकारियों ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज की है। इसके बाद इसके केंद्रीय डिवीजन ने जांच शुरू कर दी है।
शरारती तत्वों ने कर्नाटक हाईकोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग को हैक कर अश्लील वीडियो चला दिए। अधिकारियों ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज की है। इसके बाद इसके केंद्रीय डिवीजन ने जांच शुरू कर दी है।
कोरोना के समय बढ़ी इस तरह की घटनाएं
यह घटना वीडियो कॉन्फ्रेंस कॉल को टारगेट करने वाले साइबर हमलों के ट्रेंड को दिखाती है। इसे जूम-बॉम्बिंग के रूप में जाना जाता है। इसे कोरोना महामारी के दौरान प्रमुखता से देखा गया। जैसे ही लॉकडाउन के दौरान जूम जैसे प्लेटफॉर्म का यूज बढ़ा। हैकर्स ने धमकियां देकर या अश्लील सामग्री पेश करके बैठकों को खलल डालने का काम किया।











