पाकिस्‍तान का एक मुसलमान, हजारों भारतीयों पर पड़ेगा भारी...'गदर-2' पर बौखलाए पाकिस्‍तानी, देखकर लोटपोट हो जाएंगे

पाकिस्‍तान का एक मुसलमान, हजारों भारतीयों पर पड़ेगा भारी...'गदर-2' पर बौखलाए पाकिस्‍तानी, देखकर लोटपोट हो जाएंगे
इस्‍लामाबाद: 14 अगस्‍त सन् 1947 को भारत और पाकिस्‍तान का बंटवारा हुआ। यह बंटवारा शब्‍द लिखने में जितना आसान है, इसका दर्द उतना ही गहरा था। बंटवारे की त्रासदी को बयां करने के लिए भारत में कई फिल्‍में बनी हैं। इन्‍हीं फिल्‍मों में एक है 'गदर' और हाल ही में इसका सीक्‍वेल 'गदर-2' रिलीज हुआ है। इस फिल्‍म को लेकर पाकिस्‍तान के लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। फिल्‍म में एक डायलॉग है जो कुछ इस तरह से है कि अगर पाकिस्‍तान के लोगों को दोबारा मौका मिले तो आधे से ज्‍यादा मुल्‍क खाली हो जाएगा। इस डायलॉग के साथ ही पाकिस्‍तान के लोगों ने भारत पर अपना नजरिया अलग-अलग तरह से पेश किया है।

भारत की शो बाजी
मून अली नामक शख्‍स की मानें तो यह सिर्फ भारत की शो बाजी है। उनका कहना है कि सिर्फ डायलॉग से कुछ नहीं होता है मजा तो तब है जब वो बॉर्डर पर पाकिस्‍तान की सेना को चुनौती दे। उनकी मानें तो बॉर्डर पर अगर भारत चुनौती देता तो उन्‍हें मुंह की खानी पड़ती। इस पर यू-ट्यूबर शोएब चौधरी उन्‍हें कहते हैं कि भारत और पाकिस्‍तान के बीच चार बार जंग हुई है और नतीजा सबको मालूम है। इस बात पर मून अली पूरी तरह से खामोश हो जाते हैं। मून अली की मानें तो पाकिस्‍तान को बहुत मुश्किल से हासिल हुआ है और भारत को मुंहतोड़ जवाब देने की ताकत रखते हैं।
भारत की गलतफहमी
वहीं एक और शख्‍स कहता है कि भारत पूरी तरह से गलतफहमी है। इतना जज्‍बा है कि पाकिस्‍तान का एक मुसलमान अकेले हजारों भारतीयों पर भारी पड़ सकता है। इस शख्‍स की एक बात पर तो आप हंसी नहीं रोक पाएंगे। चार जंग वाली बात पर इसका जवाब था कि पाकिस्‍तान ही जीता है। हालांकि इस शख्‍स ने माना कि आज अगर पाकिस्‍तानियों को मौका मिले देश छोड़ने का तो वो तुरंत इसे छोड़कर चले जाएंगे। एक और शख्‍स का कहना है कि मुल्‍क में खाने के लिए रोटी नहीं है। गरीब दाने-दाने को मोहताज है।

मुसलमान, मुसलमान का दुश्‍मन
देश में इतनी भूख है कि सरकार उनके बारे में सोच ही नहीं रही है। यहां के लोगों का कहना था कि पाकिस्‍तानी भूख के आगे मजबूर हैं। यहां के लोग एक वक्‍त का खाना खाते हैं तो दूसरे वक्‍त की रोटी घर में नहीं होती है। एक शख्‍स ने आखिर में ज्ञान दिया कि पाकिस्‍तान के लोगों को शिक्षा की जरूरत है, उसे वह नहीं मिल रही है। बल्कि नफरत फैलाई जा रही है। एक और शख्‍स की मानें तो रोजगार की अगर बात करें तो भारत में मुसलमान ज्‍यादा सुखी होगा। पाकिस्‍तान में भूख की वजह से मुसलमान ही मुसलमान को मार रहा है।

बिल्‍कुल देश छोड़कर चले जाएंगे

यहां के लोगों की मानें तो दोनों देशों के बीच नफरत ऐसी ही चलती रहेगी क्‍योंकि पाकिस्‍तान की सरकार ऐसा चाहती ही नहीं है। जनता की मानें तो जब तक देश के लोग नफरत पढ़ाएंगे तो नफरत ही फैलेगी। एक और व्‍यक्ति से जब पूछा गया कि क्‍या वह भी इस बात से इत्‍तेफाक रखते हैं कि अगर भारत से लगे बॉर्डर को एक दिन के लिए खोला जाए तो ज्‍यादातर लोग वहीं चले जाएंगे? इस पर इस व्‍यक्ति का कहना था बिल्‍कुल। इस शख्‍स का कहना था कि पाकिस्‍तान में अब वही लोग बचे हैं जिनके पास खाने को कुछ नहीं है और जो दाने-दाने के लिए मोहताज हो गए हैं।

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