लोकसभा चुनाव में मतदान कर्मियों की ड्यूटी तय कर दी गई है। इसी बीच जिन मतदानकर्मियों के घर में शादी है वे परेशान हैं। अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए कोई शादी के कार्ड का सहारा ले रहा है तो कुछ बीमारी का हवाला देने में लगे हैं। कई कर्मचारी तो बाकायदा प्राइवेट अस्पतालों और डाक्टर से लंबी बीमारी और इलाज का विवरण लिखा पर्चा लेकर आ रहे हैं। वर्तमान में शादियों का दौर चल रहा है। अठारह मई तक बड़ी संख्या में शादी हैं, तो किसी के यहां शादी के बाद रिसेप्शन है। इन हालात में वह शादी की तैयारी करें कि चुनाव ड्यूटी में जाएं, यही बात मतदान कर्मियों के लिए सिरदर्द बन गई है।
इधर, जिला निर्वाचन कार्यालय नाममात्र के आवेदनों पर ही निर्णय ले रहा है। उसमें भी आवेदन करने वाले के परिवार में शादी होनी चाहिए साथ ही बीमारी होने पर मेडिकल बोर्ड से बीमारी के संबंध में प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर ही विचार किया जा रहा है। डिप्टी कलेक्टर आदित्य जैन का कहना है कि जिन लोगों के परिवार में शादियां हैं, उन्हें छुट्टी दी जा रही है। अन्य कारणों से चुनावी ड्यूटी से छुट्टी लेने वालों के आवेदनों की जांच की जा रही है।











