असित कुमार मोदी का फेमस शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' अक्सर अपनी कहानियों के जरिए रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े जरूरी मुद्दों को सामने लाता है। इस बार शो में फूड सेफ्टी और साफ-सफाई से जुड़ा मामला दिखाया गया है। कहानी के जरिए दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे खाना खरीदते और खाते समय सावधानी बरतें और जिन ब्रैंड्स पर भरोसा करते हैं, उनकी अच्छी तरह जांच करें।
माधवी की चूड़ी से शुरू हुआ पूरा मामला
नई कहानी माधवी और भिड़े के अचार-पापड़ के कारोबार से जुड़ी है। एक ऑर्डर पूरा करने के बाद भिड़े घर का बना अचार ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए निकलता है। इसी बीच माधवी और सोनू को पता चलता है कि माधवी की एक चूड़ी गायब है।
माधवी का फूड लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाता है
माधवी को शक होता है कि कहीं चूड़ी टूटकर अचार की किसी बोतल में तो नहीं गिर गई। इस बात को लेकर परिवार की चिंता बढ़ जाती है और देखते ही देखते मामला गंभीर हो जाता है। इसके बाद फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) उनके घर पहुंचकर जांच करता है और उनका फूड लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाता है। हालांकि, आगे की जांच में एक बड़ा खुलासा होता है। जिस प्रोडक्ट को लेकर विवाद हुआ, वह माधवी और भिड़े का था ही नहीं।मामला एक फर्जी कंपनी से जुड़ा होता है
दरअसल, मामला एक ऐसी फर्जी कंपनी से जुड़ा होता है जो दिखने में असली ब्रांड जैसे उत्पाद तैयार कर रही थी। इस कहानी के जरिए शो ने नकली और मिलते-जुलते फूड ब्रैंड्स से होने वाले खतरे को भी सामने रखा है।दर्शकों को दिया जागरूक रहने का संदेश
यह कहानी ऐसे समय में दिखाई जा रही है, जब फूड आइटम की क्वॉलिटी और साफ-सफाई और सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। शो ने अपने पारिवारिक और हल्के-फुल्के अंदाज में यह समझाने की कोशिश की है कि खाने की सुरक्षा सिर्फ कंपनियों या सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि ग्राहकों को भी अपनी तरफ से सावधान रहना जरूरी है।
