हे भगवान यह क्या हो रहा मेरे देश में ..

हे भगवान यह क्या हो रहा मेरे देश में ..
अनेकता में एकता, हम सब एक हैं, मेरा भारत महान इन सब बातों को धत्ता बताते हुए महाराष्ट्र में बहुत कुछ घट रहा है। कभी जातिवाद, कभी भाषा तो कभी दूसरे प्रदेश के निवासी होने पर महाराष्ट्र में गुंडागर्दी चरम सीमा पर हो गई। आप मराठी नहीं बोलते इसलिए आपको महाराष्ट्र में थप्पड़ मारते है तो संवैधानिक व्यवस्था के तहत ऐसे लोगों को दंडित करना चाहिए। यह मामला छोटा नहीं राष्ट्र तोड़ने का है यदि हर प्रदेश दूसरे प्रदेश वालों को ऐसे ही उनकी भाषा नही बोलने पर मारेगे तो कल्पना से बाहर आंतरिक घमासान झगडे फसाद पनप जाएंगे, अराजकता का बोलबाला हो जाएगा। भारत में भाषा जाति और वर्ण को लेकर भेदभाव नहीं करना चाहिए राष्ट्र की एकता और राष्ट्र की तरक्की सर्वोपरी होना चाहिए। हर प्रांतीय सरकार भारत की आम जनता को आव्हान करती है कि आप हमारे प्रदेश में आइये इन्वेस्ट करिए, यहां इंडस्ट्री लगाये, हमारे यहां व्यापार करो पर इस प्रकार की गुंडागिरी और दादागिरी से कितनी अराजकता फैलेगी। कभी कोई व्यक्ति ने जीवन में थप्पड़ ना खाया हो और यदि उसे थप्पड़ मारेंगे और उसने बदला लेने की ठान ली तो फिर उसे क्या कहेंगे विद्रोही बागी नक्सली या आतंकवादी ? 
सरकार गुंडागर्दी करने वालों पर कठोर कार्रवाई करें और यह संदेश दे कि भारत सबके लिए एक है।
अशोक मेहता, इंदौर (लेखक, पत्रकार, पर्यावरणविद्)
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