बांधवगढ़ में बाघ की मौत की जांच करेगा एनटीसीए

बांधवगढ़ में बाघ की मौत की जांच करेगा एनटीसीए
भोपाल। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में एक महिला पर हमला करने वाले बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच अब राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) करेगा।
मध्य प्रदेश वन विभाग के अनुरोध पर एनटीसीए के नागपुर क्षेत्रीय कार्यालय से एआइजी और वन्यजीव विशेषज्ञों का दल बांधवगढ़ पहुंच सकता है। टीम पूरे मामले का तकनीकी विश्लेषण और स्वतंत्र मूल्यांकन करेगी।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में लगातार हो रही बाघों की मौतों और वन्यजीव प्रबंधन को लेकर भी एनटीसीए की नजर है। इसी क्रम में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) से बाघों की मौत रोकने के लिए जारी एडवाइजरी के पालन की समीक्षा भी की जाएगी।
गौरतलब है कि एनटीसीए ने इससे पहले वर्ष 2013, 2014 और 2015 में भी इस वायरस को लेकर एडवाइजरी जारी की थी। इसके बावजूद प्रदेश में पांच बाघों की मौत सीडीवी संक्रमण से हो चुकी है। अब जांच में यह भी देखा जाएगा कि रोकथाम और निगरानी व्यवस्था में कहां चूक हुई।

बजट उपयोग और वन्यजीव प्रबंधन की भी होगी जांच

एनटीसीए का दल यह भी परखेगा कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए जारी बजट का उपयोग किस स्तर पर और कितनी प्रभावशीलता से किया गया। टाइगर रिजर्व और जंगलों में विचरण करने वाले बाघों के संरक्षण के लिए हर वर्ष केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बड़ी राशि खर्च की जाती है। इसके बावजूद लगातार बाघों की मौत चिंता का विषय बनी हुई है।

जबलपुर में हुआ शव का पुनः परीक्षण

बांधवगढ़ में मृत बाघ के शव का पुनः परीक्षण जबलपुर में कराया गया है। बाघ के 15 अंगों के नमूने अलग-अलग प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पूरे मामले की निगरानी एनटीसीए स्तर पर की जा रही है।

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