धर्मसभा की अनुमति निरस्त होने के बाद हाईकोर्ट में चुनौती

धर्मसभा की अनुमति निरस्त होने के बाद हाईकोर्ट में चुनौती

राजधानी भोपाल में 31 मई को प्रस्तावित बृहद धर्मसभा को लेकर प्रशासन और आयोजक आमने-सामने आ गए हैं। गांधी नगर बस स्टैंड के पास आयोजित होने वाली इस सभा की अनुमति निरस्त किए जाने के बाद मामला अब मध्यप्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है, जहां आज 29 मई को इसकी सुनवाई प्रस्तावित है।

आयोजकों का दावा है कि शाम तक फैसला आ सकता है। इस बार धर्मसभा में तेलंगाना के चर्चित विधायक टी राजा सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने वाले थे, जिससे कार्यक्रम का दायरा और भी बड़ा माना जा रहा था।

12 साल से हो रहा आयोजन, इस बार बढ़ा विवाद

कार्यक्रम के आयोजक और धर्मसभा अध्यक्ष माधव सेन के अनुसार, यह आयोजन पिछले 12 सालों से लगातार किया जा रहा है। हर साल गांधी नगर क्षेत्र में महाकाल त्रिशूल यात्रा के साथ धर्मसभा आयोजित होती है। पिछले साल इसमें कपिल मिश्रा शामिल हुए थे।

अनुमति पर टकराव, कोर्ट की शरण

माधव सेन ने बताया कि प्रशासन ने शुरुआत में अनुमति देने के संकेत दिए थे, लेकिन करीब 6 दिन तक मामला लंबित रखने के बाद लिखित रूप से अनुमति निरस्त कर दी गई।

इसके तुरंत बाद वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के माध्यम से जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। उन्होंने कहा कि जिस दिन अनुमति निरस्त की गई, उसी दिन याचिका दाखिल की गई थी और अब इस पर सुनवाई होनी है।

प्रशासन का तर्क- भीड़ और ट्रैफिक का दबाव

पुलिस प्रशासन ने एक लेटर जारी कर कहा कि गांधी नगर बस स्टैंड क्षेत्र पहले से ही अत्यधिक व्यस्त और भीड़भाड़ वाला है। यहां व्यावसायिक गतिविधियां, होटल और बाजार होने के कारण यातायात पर दबाव रहता है।

पुलिस के अनुसार, स्थल की क्षमता 500-600 लोगों तक सीमित है, जबकि आयोजकों ने 5 से 6 हजार लोगों के जुटने की बात आवेदन में लिखी थी। ऐसे में बड़ी भीड़ से कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।


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