भोपाल । पुराने शहर में नवाब सिद्दीक हसन तालाब के इर्द-गिर्द कैचमेंट में अतिक्रमण करने वालों को हाईकोर्ट ने स्टे देने से इंकार कर दिया है। इधर कब्जेधारियों ने सरकार से राहत देने की गुहार लगाई दी, लेकिन वहां से भी कोई मदद नहीं मिली। ऐसे में सोमवार को प्रशासन इस इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर सकता है।
यह है मामला
बता दें कि जबलपुर हाईकोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल बोर्ड (एनजीटी) ने पुराने शहर में स्थित नवाब सिद्दीक हसन खां तालाब के दायरे में बसे रहवासियों के अतिक्रमणों को हटाने के आदेश दिए हैं। बीते महीने की 31 तारीख को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की पूरी तैयारी कर ली थी। लेकिन स्थानीय विधायक आतिफ अकील ने रहवासियों के साथ कलेक्टर से मुलाकात कर समय मांगा था। जिस पर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने 10 फरवरी तक की मोहलत दे दी थी। इस दौरान रहवासियों को खुद ही अपने अतिक्रमण हटाने थे। लेकिन इस मियाद में भी अतिक्रमण नहीं हटाए गए। निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा के मुताबिक फातिमा बेगम, शहादत अली, शेख जमील, मंसूर अहमद और मो. रईस के निर्माण को हटाया जाना है।











