CBC से बात करते हुए कनाडा पुलिस में डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड ने कहा, 'आज इस मामले (निज्जर हत्याकांड) के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया है। संगठित अपराध की इस जांच के दौरान भारतीय अधिकारियों के इसमें शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं। भारत सरकार को इससे जोड़ने वाली कोई बात सामने नहीं आई है।'
कनाडा-अमेरिका का ऑपरेशन
अमेरिका की एफबीआई और कनाडा पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन में भारत से जुड़े अपराधी गुटों के 24 लोग गिरफ्तार किए हैं। ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत की गई इन गिरफ्तारियों के बाद रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने कहा कि जांचकर्ताओं को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे पता चले कि निज्जर मर्डर केस की जांच में भारतीय अधिकारियों पर कोई आरोप लगाया गया हो या वे इसमें शामिल हों।RCMP की ओर से यह बात तब कही गई, जब अधिकारियों ने संगठित अपराध समूहों के खिलाफ बड़ी गिरफ्तारियों और आरोप तय करने की घोषणा की। RCMP ने FBI के साथ मिलकर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड, रविंदर ढांडा और जग्गू भगवानपुरिया के क्रिमिनल नेटवर्क को निशाना बनाना है। इन पर जबरन वसूली, ड्रग तस्करी, अपहरण और हिंसक अपराधों (निज्जर हत्याकांड) के लिए जिम्मेदार थे।निज्जर की मौत पर ट्रूडो के बयान
हरदीप निज्जर की हत्या का मामला 2023 के बाद से लगातार चर्चा में रहा है। इस हत्याकांड के चलते भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंध खराब हो गए थे। इसकी वजह तत्कालीन कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो का बयान था। उन्होंने कहा था कि कनाडाई अधिकारी इस हत्या में भारत सरकार के एजेंटों के शामिल होने के 'विश्वसनीय आरोपों' की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं।भारत ने जस्टिन ट्रूडो के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उनके दावे को खारिज कर दिया था। दोनों देशों में तनातनी इस स्तर पर पहुंच गई थी कि वीजा जारी नियम सख्त करने और राजनयिकों को वापस बुलाने जैसे फैसले लिए गए थे। कनाडाई नागरिक निज्जर की पहचान उसके खालिस्तानी रुख के लिए थी। वह सिखों के लिए पंजाब को स्वतंत्र देश 'खालिस्तान' बनाने का समर्थक था।











