पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल अल्टीमेटम
कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो 9 जुलाई को जबरदस्त और निर्णायक कदम उठाया जाएगा। एक बयान में कमेटी ने कहा कि सभी मांगे पूरी होने तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। कमेटी ने PoK के लोगों के साथ ही विदेशों में रह रहे कश्मीरियों से भी अपील की है कि वे 9 जुलाई को होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शनों में शामिल हों।आरपार से लड़ाई की तैयारी
कमेटी ने पीओके के लोगों से आरपार की लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और इसे पूरे इलाके का आंदोलन बताया। इसके साथ ही PoK में पाकिस्तान के दमन को देखने के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC), संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मीडिया और दुनिया भर के मानवाधिकार संगठनों को भी 9 जुलाई को PoK का दौरा करने का आमंत्रण दिया है।प्रदर्शनकारी नेताओं ने पाकिस्तान पर पीओके के लोगों का दमन करने और नागरिकों की हत्या करने का आरोप लगाया। मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कमेटी ने कहा कि उन्होंने मौत को चुना, लेकिन कभी भी जालिम और दमनकारी शासकों के सामने घुटने नहीं टेके। बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस स्थिति को देखना चाहिए।
PoK नेताओं की भारत से मदद की अपील
इसके पहले रविवार को भारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान जॉइंट एक्शन कमेटी ने भारत से सीधी मदद की अपील की। JAAC के नेता सरदार अमन ने भारत से गुहार लगाई कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों को मानवीय आधार पर राशन और दवाइयां उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना की आर्थिक घेरेबंदी के चलते PoK के लोग खाने-पीने और दूसरे जरूरी सामान की किल्लत का सामना कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी नेता ने लाइन ऑफ कंट्रोल को भी खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि हालात बिगड़ते हैं तो आम नागरिकों को भारत आने की इजाजत मिलनी चाहिए। अमन ने कहा, अगर पाकिस्तान गोलीबारी करता है, तो हमारे पास बॉर्डर पार करने का विकल्प है। पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि "अगर कोई सोचता है कि हम यहां फंसे हुए हैं, हमारे पास रास्ता नहीं है, तो हम उन्हें रास्ता दिखाएंगे। हम सीजफायर लाइन की तरफ कदम बढ़ाएंगे।" इसके साथ ही भारत से मानवीय आधार पर दखल देने की अपील की।











