नीतीश सरकार लगी 'बड़े मिशन' में, नियोजित और कॉन्ट्रैक्ट वाले 4 लाख कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले

नीतीश सरकार लगी 'बड़े मिशन' में, नियोजित और कॉन्ट्रैक्ट वाले 4 लाख कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले
पटना: बिहार सरकार के अलग-अलग दफ्तरों में कॉन्ट्रैक्ट पर नियोजित कर्मियों का मानदेय और पारिश्रमिक बढाया जाएगा। नीतीश सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट पर नियोजित कर्मियों के मानदेय-पारिश्रमिक के निर्धारण और पुनरीक्षण का फैसला किया है। इसके लिए बकायदा विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बना दी गई है। इस कमेटी के सदस्य सचिव सभी जुड़े हुए विभागों के प्रधान सचिव या फिर सेक्रेटरी होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के प्रधान सचिव या सेक्रेटरी भी इस कमिटी के सदस्य बनाए गए हैं। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से बिहार में फिलहाल कुल 4 लाख कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी काम कर रहे हैं।

जानिए क्या है सरकार का नियोजित कर्मियों पर फैसला

बिहार की नीतीश सरकार ने अपने सभी विभागों को लिखा है कि तय मानदेय आज की तिथि में सही नहीं लग रहा तो विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति के सामने इसे रखा जाए। सोमवार को इसी मामले में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने सभी विभागों के सेक्रेटरी, डीजीपी, डिविजनल कमिश्नर और जिला पदाधिकारियों को खत लिखा है। खत में नियोजित और कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के मानदेय या पारिश्रमिक पुनरीक्षण के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाए जाने की खबर दी गई है। ये कमेटी दो पॉइंट पर विचार करके नए पारिश्रमिक को तय करेगी। इसमें पहला बिंदू मार्केट रेट होगा जबकि दूसरा सरकारी विभागों में समकक्ष पद के लेवल की सैलरी, महंगाई भत्ता और अन्य भत्तों का जोड़ होगा।

साल 2022 में हुआ था सर्विस बुक बनाने का फैसला

बिहार में कार्यरत संविदाकर्मियों की सर्विस बुक बनाने का फैसला फिछले साल की फरवरी यानी 2022 में लिया गया था। इसमें संबंधित डिपार्टमेंट से लेकर जिले तक में तैनात संविदा कर्मियों को शामिल किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग ने ही इसका प्रारूप भी तय करके जारी किया था। ये सर्विस बुक हर पांच साल में अपडेट भी की जाएगी। यानी यूं समझिए कि अब ये साल 2027 में फिर से अपडेट होगी।

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