कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, आरजेडी के लालू प्रसाद यादव, जदयू के अध्यक्ष और बिहार के सीएम नीतीश कुमार और एनसीपी के शरद पवार ने बुधवार सुबह वर्चुअल मीटिंग की है। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा हुई है।
मीटिंग में सिर्फ यही चार नेता मौजूद थे। ऐसा माना जा रहा है कि जल्द नीतीश कुमार को गठबंधन के संयोजक बनाने की घोषणा हो सकती है। हालांकि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि ऐसी कोई वर्चुअल बैठक नहीं हुई है।
यह अहम बैठक बिहार से जुड़ी कई सियासी अटकलों के बीच हुई है। क्या बिहार में बड़ा सियासी उलट फेर होने वाला है? क्या तेजस्वी यादव के खिलाफ ईडी कार्रवाई कर सकती है? क्या नीतीश कुमार I.N.D.I.A. के संयोजक बनाए जा सकते हैं? 28 दिसंबर के बाद से ही सियासी गलियारों में ऐसी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
दरअसल जब से पार्टी की कमान ललन सिंह से वापस नीतीश कुमार ने अपने हाथ में ली है, इस बात की चर्चा भी तेज हुई है कि नीतीश कुमार नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) का हिस्सा हो सकते हैं। ऐसे में आज की इस वर्चुअल बैठक के मायने और भी बढ़ जाते हैं।
1. क्या नीतीश कुमार I.N.D.I.A. के संयोजक बन सकते हैं?
गैर बीजेपी दलों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने का श्रेय बिहार के सीएम नीतीश कुमार को जाता है। जून में हुई पहली बैठक से ही इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि नीतीश कुमार गठबंधन का चेहरा या संयोजक बनाए जा सकते हैं, लेकिन जून से लेकर 19 दिसंबर तक हुई 4 बैठकों में इसकी घोषणा नहीं हो पाई। चौथी बैठक में तो बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पीएम कैंडिडेट बनाने का प्रस्ताव पेश कर दिया।
इसके बाद अचानक नीतीश कुमार एक्शन में आ गए। उन्होंने न केवल पार्टी की बागडोर अपने हाथ में ली। बल्कि इंडि अलायंस में सीट बंटवारे से लेकर कैंडिडेट सिलेक्शन का अधिकार भी अपने जिम्मे लिया। पॉलिटिकल एक्सपर्ट की मानें तो इस निर्णय से नीतीश कुमार ने एक साथ कई निशाना साधने की कोशिश की है।
अब उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के 5वें दिन 3 जनवरी को वर्चुअली I.N.D.I.A. की बैठक हुई। संभावना जताई जा रही है कि नीतीश कुमार को गठबंधन का संयोजक बनाया जा सकता है।
सूत्रों की मानें तो इसकी पहल खुद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने की है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और कांग्रेस भी इसके लिए राजी हो गए हैं। हालांकि नीतीश इस पद के लिए अब कितने राजी हैं। ये बैठक के बाद ही तय हो पाएगा।
2. क्या NDA के साथ जाने की प्लानिंग कर रहे हैं नीतीश कुमार?
वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार पांडेय कहते हैं कि नीतीश कुमार अपने लिए सभी ऑप्शन खुला रखना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा सियासत में वे फिलहाल बुरी तरह घिरे हुए दिख रहे हैं। ललन सिंह के इस्तीफे के बाद ऐसा माना जा रहा था कि नीतीश कुमार एक बार फिर से बीजेपी के साथ डील करना चाह रहे हैं।
हालांकि, बीजेपी के सभी बड़े नेता इस बात को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि नीतीश कुमार के लिए पार्टी के सारे दरवाजे बंद कर दिए गए हैं, लेकिन बीजेपी सूत्रों की मानें तो बीजेपी एक शर्त पर नीतीश कुमार को अपने साथ ला सकती है।
शर्त है सीएम पद छोड़ने की। सूत्रों की मानें तो बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर गठबंधन होगा तो इस बार बिहार में सीएम की कुर्सी पर बीजेपी का नेता होगा।
3. क्या तेजस्वी के खिलाफ ईडी बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है?
आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने 2 जनवरी को अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की आशंका जताई है कि 22 जनवरी से पहले ईडी तेजस्वी यादव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
दरअसल, तेजस्वी यादव के खिलाफ दो बड़े मामले की जांच ईडी और सीबीआई कर रही है। पहला लैंड फॉर जॉब मामला और दूसरा आईआरसीटीसी घोटाला। दोनों मामले में चार्जशीट दायर है। ईडी पहले भी तेजस्वी यादव से इस मामले में पूछताछ कर चुकी है।
अब एक बार फिर से पूछताछ के लिए समन कर रही है। तेजस्वी इस पूछताछ से बच रहे हैं। 22 दिसंबर को उन्हें पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर जाना था, लेकिन वो नहीं गए। अब ईडी की तरफ से एक बार फिर से उन्हें 5 जनवरी को बुलाया गया है, लेकिन अभी तक तेजस्वी यादव इस पूछताछ को टाल रहे हैं।
7 समन पर नहीं जाने के कारण दूसरी तरफ ईडी झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन पर कार्रवाई कर ये मैसेज दे सकती है कि उनके समन को गंभीरता से नहीं लेने वाले नेता पर एक्शन ले सकती है। ईडी उस धारणा को समाप्त करना चाहती है कि समन का जवाब नहीं देने पर ईडी कोई कार्रवाई नहीं करती है।
लालू यादव का ये मकड़ जाल है: गिरिराज
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 'लालू यादव का ये मकड़ जाल है वह नीतीश कुमार को मकड़ जाल में फंसाकर रखना चाहते हैं, उनका पहला प्रयोग है कि वह किसी ढंग से नीतीश कुमार को संयोजक बना दें ताकि वो हमारे गठबंधन में रहें और अपने बेटे को मुख्यमंत्री बना दें।...तब तक वो तैयारी करेंगे कि कैसे नीतीश कुमार की पार्टी को तोड़ कर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाया जाए।'











