संत हिरदाराम नगर। संत हिरदाराम नगर में हिंदू नव वर्ष का स्वागत शंखनाद के साथ होगा। नौ अप्रैल को वर्ष प्रतिपदा का शुभारंभ होगा। 10 अप्रैल को भगवान झूलेलाल का अवतरण दिवस यानि चैतीचांद मनाया जाएगा। सिंधी समाज भव्य शोभायात्रा एवं सनातन संस्कृति से ओतप्रोत सांस्कृतिक संध्या के साथ इष्टदेव का अवतरण दिवस मनाएगा।
सिंधी समाज के प्रमुख धार्मिक गुरू, गंगाधाम दरबार के महंत स्वामी तुलसीदास उदासी के अनुसार हिंदी कैलेंडर के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है। इस साल हिंदू नववर्ष का आरंभ नौ अप्रैल मंगलवार से हो रहा है। दरबार में नववर्ष का स्वागत हर्षोल्लास के साथ होगा। सुबह छह बजे शंखनाद होगा। सत्संग एवं भजन कीर्तन के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। स्वामी तुलसीदास ने कहा कि सनातनी हिंदुओं का नव वर्ष चैत्र माह की प्रतिपदा को आता है और भोर की पहली किरण के साथ नव वर्ष का आरंभ होता है। सभी को नव वर्ष का स्वागत करना चाहिए, ताकि पूरे वर्ष भर उत्साह उमंग से भरे रहें। यह तिथि सनातन संस्कृति में विशेष महत्व की है इसी तिथि को ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की तथा प्रभु श्री राम का राज्य अभिषेक एवं धर्मराज युधिष्ठिर का राजतिलक भी इसी तिथि को हुआ था।
मंगल हैं इस वर्ष का राजा
महंत तुलसीदास के अनुसार मान्यताओं के अनुसार हिंदू नववर्ष पर जो वार पड़ता है, उसे ही वर्ष का राजा माना जाता है। नौ अप्रैल को दिन मंगलवार रहेगा। इसलिए नव संवत्सर 2081 के राजा मंगल होने वाले हैं। वहीं, सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के अनुसार, वर्ष का मंत्री नियुक्त किया जाता है। इसके अनुसार इस साल नव वर्ष के मंत्री शनि होंगे। अगले दिन द्वितीया तिथि को चैतीचांद मनाया जाएगा।
फोटो- गंगाधाम दरबार में नव संवत्सर मनाने की तैयारियां की जा रही हैं।











