रिटायर्ड गोरखा भी हुए शामिल
कहा जा रहा है कि नेपाली गोरखा युवा अब वैगनर में शामिल होने लगे हैं। द डिप्लोमैट की एक रिपोर्ट के मुताबिक 16 मई को, रूस ने एक साल की मिलिट्री सर्विस के बाद रूसी नागरिकता हासिल करने से जुड़े आसान नियमों का ऐलान किया गया था। तब से ही सैकड़ों नेपाली युवा कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर सैनिकों के रूप में रूसी सेना में शामिल हो गए हैं। रिपोर्ट दावा किया गया है कि उनमें से कुछ नेपाल सेना से रिटायर्ड है। नेपाल सेना के रणनीतिक विश्लेषक मेजर जनरल बिनोज बसन्यात (रिटायर्ड) ने हाल ही में यूरेशियन टाइम्स से कहा, 'यह एक चिंताजनक स्थिति है। नेपाल सरकार इस बारे में कुछ नहीं कर पा रही है क्योंकि वे व्यक्तिगत क्षमता से गए हैं।'
जहां रूसी नागरिकता नेपाली युवाओं के लिए एक बड़ा आकर्षण है, वहीं एक और वजह भारतीय सेना में उनकी भर्ती का खत्म होना है। नेपाल और भारत के बीच संबंधों में पिछले साल उस समय तनाव आ गया था जब भारत सरकार ने दीर्घकालिक रोजगार को छोटे अनुबंध कार्यकाल और बिना पेंशन के साथ बदल दिया। यह अग्निवीर स्कीम के तहत हुआ था। इसके कुछ हफ्ते बाद ही नेपाल ने 200 साल पुरानी भर्ती प्रक्रिया को तब तक रोक दिया। उसने स्पष्ट किया कि जब तक इसमें और ज्यादा स्पष्टता नहीं आती, गोरखा भर्ती में शामिल नहीं होंगे।
सामने आए कई वीडियोज
सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आ रहे हैं जिनमें नेपाली गोरखाओं को रूस में मिलिट्री ट्रेनिंग लेते हुए दिखाया गया है। नेपाल सेना से रिटायर्ड एक गोरखा के हवाले से डिप्लोमैट ने लिखा है कि वह दुबई में एक सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहा था, जब उसे और ज्यादा आकर्षक प्रस्तावों का लालच देकर रूस ले जाया गया। उन्होंने एक पर्यटक के रूप में मास्को की यात्रा की और एक रूसी भर्ती केंद्र में सेना में शामिल हो गए। अब रूस विदेशियों की भर्ती के लिए रूसी भाषा की जानकारी वाला नियम भी खत्म कर दिया गया है। यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस ने वैगनर को कई तरह के फायदे देने शुरू कर दिए हैं।











