जियो प्लेटफॉर्म्स के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास कंपनी की 66.43% हिस्सेदारी है। वहीं, सोशल मीडिया कंपनी मेटा की सहयोगी Jaadhu Holdings के पास 9.98% और गूगल इंटरनेशनल के पास 7.73% हिस्सेदारी है। डीआरएचपी में कंपनी के कुल 105 शेयरहोल्डर्स का जिक्र है।
जियो प्लेटफॉर्म्स में किसकी कितनी हिस्सेदारी?
कंपनी के DRHP के मुताबिक, जिन शेयरहोल्डर्स के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की कम से कम 1% हिस्सेदारी है, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे आगे है। इसके अलावा कई बड़े ग्लोबल निवेशक भी कंपनी में पैसा लगा चुके हैं।- रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड: 66.43%
- Jaadhu Holdings (Meta से जुड़ी कंपनी): 9.98%
- Google International LLC: 7.73%
- Public Investment Fund, सऊदी अरब: 2.31%
- Omicron Asia Holdings II (KKR से जुड़ी यूनिट): 2.31%
- VEPF VII AIV I (Vista Equity Partners से जुड़ी यूनिट): 2.31%
- SLP Redwood Holdings (Silver Lake से जुड़ी यूनिट): 1.88%
- MIC Redwood 1 (Mubadala से जुड़ी यूनिट): 1.85%
- General Atlantic Singapore: 1.34%
- Platinum Jasmine A 2018 Trust (Abu Dhabi Investment Authority से जुड़ा ट्रस्ट): 1.16%
Meta और Google भी बड़े निवेशक
जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की सबसे ज्यादा 66.43% हिस्सेदारी है। यानी कंपनी पर रिलायंस का बहुमत मालिकाना हक बना हुआ है। हालांकि, रिलायंस के पास कंपनी की पूरी हिस्सेदारी नहीं है।मेटा की सहयोगी Jaadhu Holdings के पास 9.98% हिस्सेदारी है, जबकि Google International के पास 7.73% हिस्सेदारी है। इस तरह दोनों टेक्नोलॉजी कंपनियां जियो प्लेटफॉर्म्स के बड़े शेयरहोल्डर्स में शामिल हैं। इन निवेशकों की मौजूदगी बताती है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने डिजिटल कारोबार के विस्तार के लिए वैश्विक निवेशकों से भी पूंजी जुटाई है।
IPO लाने की तैयारी
जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आईपीओ करीब 37,700 करोड़ रुपये का हो सकता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीओ के लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का संभावित प्राइस बैंड तय किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इसे अंतिम कीमत नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि आईपीओ की अंतिम कीमत कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।DRHP के मुताबिक, इस आईपीओ में करीब 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाने का प्रस्ताव है। यह इश्यू के बाद कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 2.9% हो सकता है। खास बात यह है कि प्रस्तावित IPO में ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं होने की बात कही गई है। इसका मतलब है कि मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलने के बजाय नए शेयर जारी किए जाने वाले इश्यू की योजना के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
कब आ सकता है जियो का IPO?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का संभावित कार्यक्रम अक्टूबर 2026 के लिए तैयार किया गया है।IPO खुलने की संभावित तारीख: 21 अक्टूबर 2026
IPO बंद होने की संभावित तारीख: 23 अक्टूबर 2026
संभावित लिस्टिंग: अक्टूबर 2026 के अंत तक
