भोपाल। एमपी बोर्ड के फर्जी पेपर बनाकर ठगी करने वाले ठगों को क्राइम ब्रांच की टीम ने रीवा से गिरफ्तार किया है।दोनों ही आरोपित नाबालिग हैं, जो कि टेलीग्राम पर बनाए ग्रुप में 10 वीं और 12 वीं के पेपर के बदले में क्यूआर कोड देकर रुपये लेते थे।
उन्होंने छात्रों को अपने झांसे में लेने के लिए ग्रुप में एमपी बोर्ड का लोगाे और नाम लगा रहा था।वह रुपये लेने के बाद छात्रों को फर्जी पेपर दे देते थे। पुलिस टीम ने इस मामले में पूर्व में भी ठगों को गिरफ्तार किया है। इस तरह अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के मुताबिक माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा पांच फरवरी से 10वीं की परीक्षा ली जा रही हैं। साथ ही 12वीं की परीक्षा मंगलवार से शुरू होने जा रही है। इससे पहले ही बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक होने की जानकारी सामने आने लगी थी। जिसकी सूचना पर मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सभी जिलों में पड़ताल शुरू कर दी थी। इस दौरान पता चला कि कुछ शातिर जालसाजों द्वारा टेलीग्राम पर ऐसे ग्रुप बनाए गए हैं जिनमें एमपी बोर्ड के लोगो और नाम का उपयोग किया गया है।
जहां पर जालसाज छात्रों को 500 से 600 रुपये में 10वीं और 12वीं के पेपर उपलब्ध करवा रहे हैं।ऐसे में सायबर सेल की मदद से क्राइम ब्रांच ने पूर्व में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 10वीं की परीक्षा के पहले ही दिन पुलिस टीम ने रीवा मऊगंज के हनुमान से भी दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
दोनों ही आरोपित नाबालिग हैं, जिनसे पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपितों में एक 11वीं और दूसरा 10वीं कक्षा का छात्र है। दोनों ही आरोपित टेलीग्राम ग्रुप बनाकर छात्रों को पेपर देने का झांसा देकर पैसे अपने फोन पे वालेट में डलवा लेते थे।
पुलिस कर रही टेलीग्राम ग्रुप की निगरानी
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि रीवा में 11वीं के दो नाबालिग छात्रों को भोपाल क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है। इनके द्वारा टेलीग्राम पर ग्रुप बनाए गए हैं। एक दर्जन से अधिक बने इन सभी ग्रुपों की पुलिस द्वारा निगरानी की जा रही है। यदि कोई भी व्यक्ति इन ग्रुप में बोर्ड परीक्षा के पेपर दने या लेने का दावा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।











